WiFi क्या है? इसका Full Form क्या होता है? – WiFi Full Form In Hindi

WiFi क्या है? इसका Full Form?

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WiFi एक प्रकार की वायरलेस नेटवर्क Technology है जिसका उपयोग internet से जुड़ने के लिए किया जाता है। यह 2.4Ghz या 5Ghz रेडियो फ्रीक्वेंसी पर काम करता है। WiFi एक Local area Wireless technology है जिसमें WiFi, ISM radio bands का यूज़ करके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से डाटा ट्रांसफर करने और इंटरनेट से कनेक्ट करने में मदद करता है। ये टेक्नोलॉजी Local area नेटवर्क के अंतर्गत आता है इसका मतलब है कि इसकी रेंज कम एरिया तक ही होती है।

WiFi कंप्यूटर और दूसरे devices को wireless network कि मदद से कनेक्ट कर communicate करने में मदद करता है। इस टेक्नोलॉजी के जरिये हम एक लिमिटेड एरिया में ही मोबाइल स्मार्टफोन, टैब, डेस्कटॉप With wifi dongle और लेपटॉप को इंटरनेट से कनेक्ट कर पाते हैं और हमें किसी internet broadband की  या फिर किसी  cable connectivity वाले internet connection की जरुरत ही नहीं पड़ती।

Full Form of WiFi

WiFi का Full Form “Wireless Fidelity” होता है। WiFi केवल एक ट्रेडमार्क वाक्यांश है जो, केवल एक ब्रांड नेम के लिए यूज़ होता है।

Father of WiFi

1990 में IEEE802.11 wireless LAN working group का निर्माण किया गया जिसके चेयरमैन Vic Hayes थे  जिन्हें Father of WiFi भी कहा जाता है। 1997 में Wireless Local area network (WLAN) का “802. 11” स्टैंडर्ड तैयार हो गया था। उस समय “802.11” स्टैंडर्ड में डाटा ट्रांसफर की स्पीड लगभग 2 मेगाबिट्स पर सेकेंड थी। 1999 में “802.11”a प्रकाशित हुआ जिसकी डाटा ट्रांसफर की स्पीड 54 मेगाबिट्स पर सेकेंड थी। लेकिन यह बहुत महंगा था इसलिए इसका अगला version प्रकाशित हुआ जिसका नाम 802.11b था। यह वर्जन सस्ता भी था और इसमें नेटवर्क की रेंज भी ज्यादा थी। इससे WiFi technology की शुरुआत हो गयी थी।

WiFi Frequencies

एक वायरलेस नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी लेवल 2.4 GHz या 5 GHz की होती है, जो यूज़र  द्वारा भेजे जाने वाले डेटा पर निर्भर होती हैं। 802 .11 नेटवर्किंग स्टैंडर्ड का कुछ हद तक यूजर्स की आवश्यकताओं पर डिपेंड करता है।

  • 802 .11a नेटवर्क स्टैंडर्ड में 5 GHz की फ्रीक्वेंसी लेवल पर डेटा ट्रांसमिट होता हैं। इसमें मैक्सिमम 54 मेगाबाइट डेटा प्रति सेकंड ट्रांसमिट कर सकते हैं।
  • 802 .11b नेटवर्क स्टैंडर्ड में 4 GHz की फ्रीक्वेंसी लेवल पर डेटा ट्रांसमिट होता हैं। यह स्लो स्पीड होता है और इसमें  मैक्सिमम 11 मेगाबाइट डेटा प्रति सेकंड ट्रांसमिट कर सकते हैं।
  • 802 .11g नेटवर्क स्टैंडर्ड में4 GHz की फ्रीक्वेंसी लेवल पर डेटा ट्रांसमिट होता हैं। लेकिन इसमें मैक्सिमम 54 मेगाबाइट डेटा प्रति सेकंड ट्रांसमिट कर सकते हैं, क्योंकि यह ओएफडीएम कोडिंग का उपयोग करता है।
  • 802 .11n नेटवर्क स्टैंडर्ड में 5 GHz की फ्रीक्वेंसी लेवल पर डेटा ट्रांसमिट होता हैं। और इसमें मैक्सिमम 140 मेगाबाइट डेटा प्रति सेकंड ट्रांसमिट कर सकते हैं।
  • 11ac- नेटवर्क स्टैंडर्ड में 5 GHz की फ्रीक्वेंसी लेवल पर 1.3 Gbps की गति से 115 फिट तक काम करता है। आजकल ज्यादातर सभी डिवाइस इसी WiFi का प्रयोग करते है।

WiFi एक स्टैंडर्ड है। जिस स्टैंडर्ड को हम follow करके computers को wireless network से जोड़ते हैं। अभी के समय में जितने भी Smartphone, Laptop, Printer और  computer हैं, इन सभी में एक wifi chip लगा होता है, इसके जरिये ही Wireless Router से Connect करते हैं और internet यूज़ करते हैं।

WiFi enable होने के बाद जब एक बार Wireless Router से Connect हो जाता है तब आप internet access कर सकते हैं।

WiFi कैसे काम करता है

WiFi का full form तो आप जान गए चलिए ये कैसे काम करता है ये जानते है। WiFi टेक्नोलॉजी के काम को समझने के लिए उदाहरण के लिए ऑफिस के WiFi सिस्टम को समझिये ….

  • इसमें एक ऐसा डिवाइस लगा होता है जो Wireless signal को ट्रांसमिट करता है, जोकि आमतौर पर WiFi Router या Hotspot होता है।
  • बाहर से आये  internet कनेक्शन की केबल इसमें लगी हुई होती है और यह अपने आस -पास के सभी devices जैसे  Smartphone, Laptop, tablet और PC आदि सभी devices को wireless सिग्नल के जरिये internet कनेक्शन प्रोवाइड करवाता है।
  • इसका रिजल्ट हमेशा एक जैसा ही होता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि WiFi का कनेक्शन सोर्स क्या है और इसे कैसे यूज़ किया जा रहा है।
  • आज कल के स्मार्ट फोन में WiFi के साथ-साथ हॉटस्पॉट का भी ऑप्शन दिया होता है। यानि कि आप सिर्फ दूसरे WiFi नेटवर्क का ही यूज़ नहीं कर सकते बल्कि अपने फोन को Router कि तरह यूज़ करके हॉटस्पॉट से कई और devices को internet कनेक्शन प्रोवाइड करवा सकते हैं।

WiFi के Features

आजकल हमारे पास इंटरनेट यूज़ करने के लिए कई सोर्स है कुछ सोर्स तो बहुत सस्ते हैं और कुछ में स्पीड अच्छी है। लेकिन इस WiFi टेक्नोलॉजी की क्या खासियत है इसको जानना जरुरी है….

Efficiency

  • किसी भी मशीन, व्यक्ति या टेक्नोलॉजी के काम करने की क्षमता को ही उसकी एफिशिएंसी कहते हैं।
  • आज कल सभी अपने मोबाइल में cellular data यूज़ करते हैं क्योंकि इसका एरिया WiFi के मुकाबले बहुत बड़ा होता है। जबकि WiFi एक लिमिटेड एरिया में ही काम करता है।
  • जब आप किसी ट्रेन, बस या कर आदि से ट्रेवेल कर रहे होते हैं तो आप बार-बार अलग-अलग नेटवर्क से जुड़ते हैं। जिससे आपके फोन की एनर्जी ज्यादा खर्च होती है और इससे फोन की बैटरी जल्दी ही ख़त्म हो जाती है। लेकिन WiFi के साथ ऐसा नहीं होता है।
  • अगर हम WiFi की बात करें तो WiFi इंटरनेट के लिए radio waves का यूज़ करता है। इस के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस Router की आवशयकता होती है। इस Router को आप कम दूरी पर यूज़ कर सकते हैं। इससे मोबाइल की बैटरी भी जल्दी ख़त्म नहीं होती।

Accessibility

  • मोबाइल इंटरनेट डाटा के मुकाबले WiFi बहुत ही सस्ता पड़ता है। मोबाइल इंटरनेट डाटा की कीमत WiFi से कई गुना ज्यादा होती है।
  • कम दूरी में या एक ही जगह जैसे घरों, hostel, college या offices के लिए WiFi एक बेहतर विकल्प है। मोबाइल इंटरनेट के मुकाबले WiFi बहुत सस्ता पड़ता है और इसकी स्पीड भी बहुत अच्छी होती है ।
  • WiFi में इंटरनेट यूज़ करने की कोई limit नहीं है जबकी मोबाइल इंटरनेट डाटा पैक लिमिटेड ही होता है। limit से ज्यादा नेट यूज़ करने पर फोन के बैलेंस में से पैसे कट जाते है।

Speed

  • एक WiFi नेटवर्क में internet की स्पीड की तुलना मोबाइल के नेटवर्क में इंटरनेट की स्पीड से करने पर पता चलता है कि WiFi की नेट कि स्पीड का मोबाइल के नेटवर्क में internet की स्पीड से कोई मुकाबला ही नहीं है ।
  • मोबाइल में स्पीड सिर्फ ऑनलाइन बुक पड़ने या फिर मेल पड़ने तक ही ठीक रहती है। कुछ भी ऑडियो या विडिओ डाऊनलोड करने के लिए मोबाइल में बहुत टाइम लगता है। जबकि WiFi से कुछ भी  डाऊनलोड बहुत ही आसानी से और बहुत जल्दी हो जाता है ।
  • अगर आप अपने फोन में live streaming कर रहे है तो आपका ज्यादा टाइम लोडिंग में ही लग जायेगा और कुछ इंट्रस्ट भी नहीं आ पाता। स्पीड ज्यादा होने कि वजह से WiFi ही बेस्ट है।

Cost

  • Jio 4G के आने से लोगों को इंटरनेट यूज़ करने में बहुत आसानी हो गयी है नहीं तो इससे पहले मोबाइल डाटा को रिचार्ज करवाने के लिए भी बहुत सोचना पड़ता था। अगर कैल्कुलेट किया जाये तो आप जानेगें कि शायद लाखों का डाटा फ्री में सभी लोगों ने यूज़ किया है।
  • WiFi का कोई भी प्लान अगर आप लेते है तो उसे केवल आप ही नहीं बल्कि आपके घर, ऑफिस, हॉस्पिटल आदि कही पर भी लगवा कर बहुत सी devices को उससे कनेक्ट कर इंटरनेट यूज़ कर सकते हैं।
  • आप online video calling या voice calling कर अपना फोन का बिल भी कम कर सकते हैं।
  • यह money saving के साथ-साथ time saving भी है।

WiFi के फायदे

  • यह टेक्नोलॉजी बहुत ही सुविधाजनक है। कोई भी यूज़र बड़ी आसानी से अपना फोन, लेपटॉप, पीसी इससे कनेक्ट कर सकता है।
  • WiFi की रेंज के अंदर यूज़र कई devices इससे कनेक्ट कर सकता है।
  • इसको यूज़ करना बहुत आसान है। WiFi ऑन करो और पासवर्ड डालते ही आपकी डिवाइस इससे कनेक्ट हो जाएगी।
  • इसका installation करना भी आसान है और बहुत ही जल्दी हो जाता है। इसके लिए technical knowledge का होना भी जरुरी नहीं है।
  • Access Points से बने इसके नेटवर्क में clients को जोड़ना और remove करना बहुत आसान है।
  • यूजर अपने मोबाइल को घर के प्राइवेट और पब्लिक किसी भी, कभी भी WiFi नेटवर्क से कनेक्‍ट कर इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं।
  • वायरलेस नेटवर्क के लिए आपको किसी फिजिकल केबल की जरुरत नहीं होती जिससे नेटवर्क का खर्च बचता हैं। साथ ही लेबर cost की भी बचत होती है।
  • वायर कनेक्‍शन के मुकाबले आपको वायरलेस नेटवर्क में यूजर्स की संख्या बढ़ने पर extra खर्च करने की जरुरत नहीं होती। एक ही राउटर को एक साथ कई यूजर्स कनेक्‍ट होते हैं।

WiFi के नुकसान

  • जब एक ही network में कनेक्टिड devices की संख्या बढ़ती जाती है तो data transfer rate कम होता जाता है इसलिए इंटरनेट की स्पीड कम हो जाती है।
  • आप एक फिक्सड लोकेशन में ही WiFi को एक्सेस कर सकते हैं। लोकेशन से दूर जाने पर नेटवर्क की स्ट्रेंथ कम होती जाती है ।
  • WiFi के जरिये कोई भी सिस्टम में घुस कर आसानी से हैक कर आपका डाटा भी चुरा सकता है। इस टेक्नोलॉजी का यह सबसे बड़ा नुकसान है ।

WiFi 6

WiFi technology का next generation standard WiFi 6 है। इसको “AX WiFi” या “802.11ax” WiFi कहते हैं। 802.11ax WiFi,  802.11ac WiFi स्टैंडर्ड को और ज्यादा इम्प्रूव करके बनाया गया है। यह अब तक का सबसे तेज WiFi है। इसमें हम एक साथ बहुत सारी devices को कनेक्ट कर सकते हैं। इस स्टैंडर्ड में राऊटर को उपग्रेटेड किया गया है। यह हाई स्पीड होने के साथ-साथ पावर का कन्सम्प्शन भी कम करता है।

WiFi 6 की स्पीड लगभग 10Gbps है। इस पर 2.4GHz और 5GHz फ्रीक्वेंसी बैंड्स को एक साथ कम्बाइन किया जाता है इसलिए इसकी स्पीड ज्यादा होती है। जबकि पहले 802.11ac और 802.11n में दोनों फ्रीक्वेंसी बैंड्स को अलग अलग ही एप्लाई किया जाता था ।

WiFi 6 के आने के बाद वायरलेस technology में बहुत फर्क देखने को मिलेगा। internet की दुनिया काफी हद तक बदल जाएगी।

WiFi 6 के फायदे

  • WiFi 6 सभी कनेक्टिड devices को हाई स्पीड और अच्छी क्षमता प्रदान करेगा ।
  • सभी devices कम बिजली के यूज़ पर चलेंगे।
  • बैटरी की लाइफ भी सुरक्षित करेगा।
  • मोबाइल की बैटरी भी न के बराबर खर्च होगी ।
  • भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी बढ़िया सिग्नल मिलेगा।
  • WiFi 6 में काफी हद तक internet कनेक्शन में सुधार भी किया गया है।

WiFi 6 के नुकसान

  • WiFi 6 router थरथराहट की आवाज़ ज्यादा होगी ।
  • WiFi 6 अभी भी विकास के रास्ते में है।
  • यह कब तक भारत के बाजार में आएगा निश्चित नहीं है।

WiFi कैसे लगवाएं

  • अगर आप इस सर्विस का यूज़ करना चाहते हैं तो आपको पहले यह पता लगाना होगा की आपके एरिया में कौन-कौन से नेटवर्क उपलब्ध हैं जो यह सर्विस दे रहे हैं। तो आप उनसे कॉन्टेक्ट करें और उनसे  प्लान के बारे में पूछें।
  • अपनी जरुरत के हिसाब से प्लान को चुनें और WiFi नेटवर्क बनाने के लिए ऑर्डर करें। कनेक्शन होने के बाद router को access कर के यूज़र आई डी पासवर्ड सेट करें। इस प्रकार आपका अपना WiFi नेटवर्क तैयार हो जायेगा।

Tips

तो दोस्तों ये रहा वाईफाई के ऊपर दी गई छोटी सी जानकारी क्या आप WiFi का full form (WiFi full form in Hindi, wifi ki full form) पहले से जानते थे. अगर हा तो कमेन्ट बॉक्स मे जरूर बताए अगर नहीं तो उसका भी जिक्र नीचे करे। साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले।

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