URL Full Form In Hindi – URL Ka Full Form Kya Hota Hai?

URL Full Form In Hindi – यदि आप नियमित रूप से computer या mobile का इस्तेमाल करके web browsing करते है तो आपने इस शब्द को ज़रूर सुना होगा। URL का उपयोग आप लगभग रोज़ ही करते है। लेकिन URL के बारे में अधिकतर लोगों को केवल सीमित जानकारी या फिर केवल basic जानकारी ही है। लेकिन इस URL का internet world में बहुत अहम role है। इसके बिना आप किसी भी website पर visit नही कर सकते है।

URL एक तरह से प्रतेक website के address की तरह होता है। और यदि आपको किसी भी website पर जाना है तो आपको उस website का URL ज़रुर पता होना चाहिए। यह घर के address की तरह होता है जैसे कि जब आप को किसी के घर जाना होता है या फिर post के जरिए किसी सामान को पहुँचाना होता है तो आपको समान के ऊपर उसका address लिखना पड़ता है ताकि post man सही घर पर समान को पहुँचा सके। वैसे ही जब आपको web browser के जरिये किसी website पर जाना होता है तो आपको सबसे पहले browser के address bar में उस website का URL डालना पड़ता है।

तो चलिए अब हम आप को विस्तार से बताते है कि URL क्या होता है इसका Full Form क्या होता है और यह किस प्रकार से कार्य करता है। तथा यह कितने प्रकार के होते है और इनकी internet world में क्या भूमिका है।

URL Full Form In Hindi – यूआरएल का फुल फॉर्म क्या होता है!

what is the full form of url

URL का Full Form “Uniform Resource Locator” होता है। यह एक formatted text होता है जिसका उपयोग email clients, software’s, web browsers में होता है। इसकी मदद से network resources को ढूंढा जाता है जो कि कुछ भी हो सकता है जैसे HTML, PAGES, documents या फिर graphics।

अगर आप ने URL को ध्यान से देखा होगा तो आपको उसमे तीन भाग मुख्य रूप से दिखाई देते होंगे। जोकि सबसे पहला होता है protocol, दूसरा domain या host, और location.

Protocol – ‘http://’ ये चीज़ URL में Protocol को दर्शाती है। जो कि किसी भी network के resources को आसानी से access करने में मदद करता है। यह मुख्य रूप से बहुत छोटे और कम letters के होते है तथा इनके बाद आपको कुछ special characters भी देखने को मिलते है जो कि ‘://’ इस तरह के होते है।

Host या domain- host या यूं कहें कि domain के जरिए server, network, को define किया जाता जाता है। इसको हम DNS और IP Address के नाम से भी जानते है।

Location- यह किसी एक network के path को बताता है। जहाँ पर मुख्य रूप से website के resources मौजूद होते है। जैसे documents, folders, files etc.

URL की खोज कैसे हुई, इसकी History क्या है।

URL technology को सबसे पहले Tim Berners lee ने ही सबके समक्ष प्रस्तुत किया था। और इन्होंने सबको समझाया कि इस unique resource locator के जरिए किसी भी web page को या website को आसानी से internet पर ढूंढा जा सकता है।

URL कैसे काम करता है।

अभी तक तो आप ने URL क्या है और इसकी history के बारे में जान ही लिया होगा। तो चलिए अब जानते है कि URL काम कैसे करता है।

जब भी आप अपने browser में कुछ भी search करने के लिए google.com को URL में type करते है तो उसके बाद ही आप google में किसी keyword के माध्यम से website को ढूंढते है। लेकिन क्या आपको पता है कि जब आप google को उसके name से ढूंढते है तो आपका browser आगे google name को domain name system program के जरिए एक unique numeric number में बदल देता है जो कि google का IP Address होता है। और उसके बाद आपका browser आपके सामने search किए गए website को दिखाता है।

लेकिन domain name system को introduce करने से पहले website को IP address की मदद से ही ढूंढा जाता था। जो कि किसी के लिए भी याद रख पाना बहुत कठिन था। इस लिए उन सभी IP address को नाम प्रदान करने के लिए  domain name system को बनाया गया। ताकि लोग website का नाम आसानी से याद रख सके।

URL कितने प्रकार के होते है।

Url बहुत से प्रकार के होते है लेकिन कुछ मुख्य प्रकार  के urls के बारे मे हमने आपको नीचे बताया है।

  • Messy- इस तरह के URL में बहुत से तरह के letters और numbers मौजूद होते है जिसका कोई भी sense नही होता है। और इस तरह के url को याद रखना भी बहुत कठिन काम होता है। यह URL मुख्य रूप से computer के द्वारा बनाए गए होते है। जो कि एक ही domain नाम के बाद post के लिए होते है।
  • Static- यह url messy url से अलग होते है। इसमें url को HTML के द्वारा hard wired कर दिया गया होता है जो कि कभी भी नही बदलता है। यहाँ तक कि किसी user के request करने के बाद भी नही।
  • Dynamic- यह url भी messy url की तरह ही होते है जो कि computer के द्वारा ही उत्पन्न किए गए होते है। लेकिन इनके characters messy urls से अलग होते है जो कि “%,?,&,+,=” जैसे दिखते है। यह मुख्य रूप से shopping, travelling जैसे website में होते है जो कि consumers के द्वारा उपयोग की जाती है।
  • Obfuscated- यह url बहुत ही danger होते है और इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से लोगो के साथ scamming करने के लिए किया जाता है। आपको इस तरह के url अक्सर dark web की websites पर देखने को मिलते है। तथा यदि गलती से कोई भी user इस तरह की website पर जाकर किसी link पर click करता है तो यह spam websites पर उनको redirect कर देता है। जिससे कि कई बार लोगो को financial नुकसान भी उठाना पड़ता है।

Secure URL कौन से होता है।

Secure url वो url होते है जिन में ssl certificate का इस्तेमाल किया गया होता है। ssl certificate url को encrypt करता है। जिससे कि url के जरिए आ एवं जा रही जानकारी को hackers आसानी से नही पढ़ सकते है। secure url देखने का आसान तरीके है कि website के नाम “https//:’ से शुरू होते है और browser में url section में lock का sign बना आता है। जो कि यह दर्शाता है कि url secure है।

जब भी आप किसी भी प्रकार की sensitive information को किसी website में enter करते है जैसे कि govt id details और financial details, तो हमेशा website के url को देख ले कि वह secure है या नही तभी आप किसी तरह की information को उस website में भरे।

URL Shorting क्या है और आप URL को short कैसे कर सकते है।

अगर हम किसी normal website के url की बात करते है तो कई बार websites के url काफी लंबे होते है। जिनको कहि भी share कर पाना बहुत मुश्किल होता है। और यदि आप उनको share भी कर देते है तो वह कई बार पूरी तरह से fit नही होते है। ऐसे में बहुत ही समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है। लेकिन आज के समय मे ऐसे बहुत से tools मौजूद है जिनकी मदद से आप अपने long url को short कर सकते है और फिर उनको किसी के साथ भी कही भी आसानी से share कर सकते है। कुछ popular url shortener है जैसे कि Inkd.in और t.co है।

अगर आप भी अपने long url को short करके किसी के साथ share करना चाहते है तो आप bit.ly या goo.gl जैसे free link shortner tools का इस्तेमाल कर सकते है। लेकिन सिर्फ ये ही दो tools नही है जो आपको link shorting के लिए offer करते है। internet पर और भी बहुत से ऐसे tools है और कुछ तो ऐसे भी है जो आपको dashboard provide करते है और click तथा impression का data भी provide करते है। तथा कुछ तो आपको per click पर pay भी करते है।

लेकिन goo.gl जैसे link shortener अधिक safe है और आपके website को spamming से भी सुरक्षित रखते है।

Blog में URL को कैसे Change कर सकते है।

अगर आप का blog या website blogger या WordPress में बना है और आप चाहते है उसके url style को change करना, तो यह बहुत ही आसान process है। तो चलिए आपको बताते है कि कैसे आप url style को अपने website में change कर सकते है।

Blogger में url का structure change करने के लिए आप settings के जाकर url वाले option में edit पर click करके दिए गए url structures में से एक चुन सकते है और उसके बाद आप उस setting को save कर दे।

ऐसे ही आप WordPress में भी url structure को बदल सकते है। उसके लिए आप को settings में जाना है और यहाँ पर url वाले option को select कर ले, अब आपके सामने कई url structures के options आ जाएंगे। तो यदि आप change करना चाहते है तो आप दिए गए options में से किसी एक को select कर ले।

Important- अगर आप website का url structures change करते है तो ऐसे में आपकी wesite derank हो सकती है।

Tips

आप ने इस पोस्ट के जरिए जाना कि url क्या होता है इसका Full Form क्या होता है और यह क्यो इतना जरूरी है तथा इसका इस्तेमाल क्यो किया जाता है। तथा आप ने url के विभिन्न प्रकारों के बारे में भी जाना, इसके साथ url shortener क्या है और ऐसे आप अपने website या किसी भी अन्य website के long url को short कर सकते है।

Url किसी भी website के बहुत जरूरी चीज है। हम websites को internet पर url के माध्यम से ही search करते है। बिना url की जानकारी के हम किसी भी website को न ही ढूंढ सकते है और न ही किसी website पर जा सकते है। url में मुख्य रूप से तीन चीज़े शामिल होती है। जो कि पहले http//: जो कि protocol होता है इसके बाद domain नाम होता है जो कि website का नाम या यूं कहें कि identity होती है। इसके बाद आता है .com जो कि extension के रूप में कार्य करता है। इन तीन चीज़ों से मिलकर मुख्य url बना होता है।

दोस्तों आप लोगो को हमारी यह URL Full Form In Hindi से जुड़ी यह जानकारी कैसी लगी आप अपनी राय हमें comment box में ज़रूर दे और इस post को students और family members के साथ भी sharr करे ताकि उन लोगो को url क्या है के बारे में संपूर्ण जानकारी हो सके।

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Mr. Samir HFT के Co-Author & Founder है इन्हे हमेशा से नयी चीजे सिखना और उसे लोगो के साथ शेयर करना पसंद है. अगर आपको इनके द्वारा शेयर की गई जानकारी अच्छी लगती है तो आप इन्हे Social Media पर फॉलो कर सकते है। Thank You!

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