UGC Full Form In Hindi – यूजीसी क्या है इसका फुल फॉर्म क्या होता है

UGC Full Form In Hindi – यूजीसी क्या है UGC का Full Form क्या होता है। What is the full form of ugc, आप सभी ने UGC का नाम तो सुना ही होगा, लेकिन फिर भी कई लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होगी। तो यहाँ आज हम बात करने वाले हैं UGC के बारे में। कि UGC क्या होता है? और इसके कार्य क्या क्या हैं? जब कोई भी छात्र और छात्रा किसी कॉलेज में दाखिला लेते हैं तो उनकी उत्सुकता यह जानने की होती है कि उनके कॉलेज को कहाँ से मान्यता प्राप्त है। लेकिन कई बार उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाती। UGC भी शिक्षा से सम्बंधित एक Commission है।

UGC Full Form In Hindi – यूजीसी क्या है इसका फूल फॉर्म क्या होता है

what is the full form of ugc in hindi

UGC का पूरा नाम यानि Full Form है “University Grants Commission” है। इसे हिंदी में “विश्वविद्यालय अनुदान आयोग” भी कहा जाता है। UGC भारत सरकार का एक उपक्रम है। UGC की स्थापना 1956 में की गई थी। यह एक ऐसा संगठन है जो भारत के सभी विश्वविद्यालयों को मान्यता देता है। UGC का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है।

UGC के क्षेत्रीय कार्यालय

भारत में UGC के कुल छः क्षेत्रीय कार्यालय हैं।

  • कोलकाता
  • गुवाहटी
  • पुणे
  • भोपाल
  • हैदराबाद
  • बंगलुरु आदि।

UGC का इतिहास

सन 1924 में Inter University की स्थापना हुई थी। और तभी से उच्च शिक्षा का इतिहास चला आ रहा है। प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि वह उच्च शिक्षा प्राप्त करे। एवं सभी सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए Inter University का नाम परिवर्तित करके Association of Indian University रखा गया। सन 1948 में डॉक्टर राधा कृष्णा की अध्यक्षता में University Commission की स्थापना की गई इसकी नीव रखी गई।

इसी समय से UGC को गठित करने के लिए और शिक्षा में सुधार करने के लिए विचार होने लगा था। इसके बाद 1953 में University Commission की नीव रखी गई। एवं 1956 में UGC को संसद में भारत सरकार के अधीन प्रस्तुत किया गया। इसके बाद UGC के छः जगह पर कार्यालय खोले गए और उसी समय से कई कॉलेज एवं University UGC के अंतर्गत कार्य करते हैं।

भारत में UGC द्वारा मान्यता प्राप्त University

  • JNU (Jawaharlal Nehru University)
  • Bangalore University
  • University of Hyderabad
  • University of Madras
  • University of Pune
  • Anna University
  • University of Delhi
  • अन्नामलाई विश्वविद्यालय
  • University of Lucknow
  • University of Kolkata
  • Pondicherry University
  • University of Rajasthan
  • University of Calicut
  • Bharathiar University आदि।

UGC ने देश में अनुसंधान की संस्कृति को विकसित करने हेतु नई पहल की घोषणा की है जिसका नाम है Scheme for Trans-disciplinary Research for India’s Developing Economy- STRIDE।

STRIDE क्या है?

देश में अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए UGC के द्वारा की गई एक पहल है STRIDE। STRIDE का पूरा नाम है Scheme for Trans-disciplinary Research for India’s Developing Economy।

STRIDE के प्रमुख उद्देश्य

इसका कई मुख्य उद्देश्य है जैसे:

  • युवाओं में निहित प्रतिभा को पहचानना।
  • अनुसंधान की संस्कृति एवं नवाचार को बढ़ावा देना।
  • क्षमता निर्माण करना।
  • भारत की विकासशील अर्थव्यवस्था एवं राष्ट्रीय विकास के लिए ट्रांस- डिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देना।
  • बहु-संस्थागत नेटवर्क तथा प्रभावी रिसर्च परियोजनाओं के लिए फण्ड प्रदान करना।

STRIDE से सम्बंधित विशेष बातें

  • STRIDE उन अनुसंधान परियोजनाओं की सहायता करता है जो राष्ट्रीय स्तर एवं विश्व स्तर पर महत्तवपूर्ण भूमिका निभाने की बात कही गई हैं।
  • STRIDE बुनियादी व अनुप्रयुक्त तथा परिवर्तनकारी अनुसंधान का समर्थन का वादा किया गया है।
  • इसके द्वारा नागरिक समाज के निर्माण के लिए नए विचारों, अवधारणाओं और प्रथाओं तथा विकास के लिए भी समर्थन प्रदान किया जायेगा।
  • भारतीय भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों के क्षेत्र में गुणवत्तायुक्त अनुसंधानों को बढ़ावा दिया जायेगा।

UGC नेट

UGC नेट के बारे में भी सभी ने सुना होगा। तो देखते हैं आखिर क्या है UGC NET। यह एक राष्ट्रीय पात्रता वाली परीक्षा है। UGC NET का आयोजन CBSE की तरफ से UGC द्वारा कराया जाता रहा है लेकिन अब सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि इस परीक्षा आयोजन NTA द्वारा कराया जायेगा। यह परीक्षा विश्वविश्यालयों में शिक्षक बनने एवं फ़ेलोशिप के लिए आयोजित की जाती है।

इस परीक्षा को इसलिए किया जाता है कि पोस्ट ग्रेजुएट छात्र छात्रा भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षक की नौकरी एवं पीएचडी स्तर के कार्यक्रमों में शामिल हो सके उनमें प्रवेश ले सकें। परास्नातक में शामिल हुए विषयों पर आधारित होती है। उम्मीदवार अपने विषय अनुसार इसकी तैयारी कर सकता है।

UGC NET के लिए आयु सीमा

जूनियर रिसर्च फैलोशिप UGC NET की आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की  गई है। साथ ही सहायक प्रोफेसर के लिए अभी कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

UGC NET के लिए शैक्षिक योग्यता

जो भी UGC NET के लिए परीक्षा देना चाहते हैं वे न्यूनतम 55% अंकों से परास्नातक में पास होना अनिवार्य है। अरक्षित वर्गों के लिए इसमें 5% अंकों की छूट दी गई है।

UGC NET का आयोजन

UGC NET का आयोजन साल में दो बार किया जाता है। इसकी अधिसूचना मार्च और सितम्बर में जारी कर दी जाती है। परीक्षा का आयोजन क्रमशः जून और दिसम्बर माह में किया जाता है।

UGC NET परीक्षा केंद्र

जैसा कि हमने देखा कि अब यह परीक्षा NTA द्वारा आयोजित की जाती है। तो NTA द्वारा भारत के 598 शहरों में UGC NET परीक्षा आयोजित की जाती है।

पेपर I के लिए UGC NET परीक्षा पैटर्न

प्रथम पेपर को 10 खंडों में बाँटा गया है। यह सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को दो अंक मिलते हैं। इसमें Negative Marking होती है। यह पेपर को Solve करने के लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

अंनुभाग प्रश्न अंक
शिक्षण योग्यता 5 10
अनुसंधान योग्यता 5 10
समझबूझ कर पढ़ना 5 10
संचार 5 10
रीजनिंग (मैथ्स सहित) 5 10
तार्किक विचार 5 10
आंकड़ा निर्वचन 5 10
सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) 5 10
लोग और पर्यावरण 5 10
उच्च शिक्षा प्रणाली, शासन, राजनीति और प्रशासन 5 10
टोटल 50 100

 

पेपर II के लिए UGC NET परीक्षा

UGC NET का दूसरा पेपर परास्नातक के विषय पर आधारित होता है। इसके अंतर्गत 100 Multiple Choice Question पूछे जाते हैं। हर प्रश्न के उत्तर के लिए 1 अंक निर्धारित किया जाता है। इसमें Negative Marking का भी प्रावधान है। इसके लिए 2 घंटे की समय सीमा तय की गई है।

यूजीसी नेट की तैयारी कैसे करें?

अब सभी के मन में यह सवाल आ रहा होगा कि UGC NET की तैयारी कैसे की जाये। तो उसके लिए आप कुछ नीचे दी गई बातों पर ध्यान दें:

  • अच्छी तैयारी के लिए कम से कम 6 महीनों का समय दें।
  • पुराने पेपर की सहयता भी ले सकते हैं।
  • एक योजना बनाएं और उसके अंतर्गत ही पढाई करें।
  • टेस्ट सीरीज Join करें उससे आपको बहुत सहायता मिलेगी।
  • उन्हीं दो विषयों का चयन करें जिनमें आप सबसे अच्छे हैं।
  • विषयों के नोट्स बनाएं और उन्हें पढ़ें।
  • गुणवत्ता और गति का विशेष ध्यान रखें।
  • आप अगर कोचिंग जाना चाहते हैं तो आप ऐसा भी कर सकते हैं।

इस तरह से आप UGC NET की तैयारी करें। यह तरीके आपको किसी भी Exam की तैयारी करने में सहायक होंगे। हमेशा एक बार पुराने पेपर को जरूर देखें वहाँ से पेपर के पैटर्न का पता आसानी से चल जाता है जिससे तैयारी करने में सहयता मिलती है।

यूजीसी  का उद्देश्य

UGC के कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं जो इस प्रकार हैं:

  • विश्वविद्यालयों में अनुसंधान, शिक्षण और परीक्षा के मानकों पर ध्यान देना एवं उन्हें बनाये रखना।
  • उच्च-शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • देश में शिक्षा के न्यूनतम मानक को Manage करने के लिए नियम बनाना भी UGC का उद्देश्य है।
  • केंद्र सरकार और उच्च शिक्षा संस्थानों के मध्य Inter mediator का कार्य करना।
  • शिक्षा प्रणाली को बेहतर करने के लिए सरकार को समय-समय पर सलाह देना।

UGC के द्वारा उच्चतम शिक्षा के लिए 16 तरह के Exam Conduct किये जाते हैं। जैसे:

  • All India Council for Technical Education (AICTE)
  • Rehabilitation Council
  • Council of Architecture
  • Bar Council of India (BCI)
  • Indian Nursing Council (INC)
  • Dental Council of India (DCI)
  • Medical Council of India (MCI)
  • Pharmacy Council of India (PCI)
  • Distance Education Council (DEC)
  • State Councils of Higher Education
  • Central Council of Homoeopathy (CCH)
  • Rehabilitation Council of India (RCI)
  • National Council for Rural Institutes
  • Central Council of Indian Medicine (CCIM)
  • National Council for Teacher Education (NCTE)
  • Indian Council of Agricultural Research (ICAR)

UGC ने दिए हैं ये निर्देश

2020 में UGC द्वारा कुछ निर्देश जररी किये गए हैं जैसे:

लॉकडाउन  की वजह से जो शैक्षणिक सत्र का नुकसान हुआ है उसके लिए यूनिवर्सिटीज ने 6 वीक डे पैटर्न अपनाया है। यह प्रस्ताव अप्रैल में ही रख दिया गया था कि सप्ताह में 5 की जगह 6 दिन क्लासेज कराई जाएँ।

चूँकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना जरुरी है लेकिन स्टूडेंट्स को लैबोरेटरी असाइनमेंट्स, प्रैक्टिकल एक्सपेरिमेंट्स का एक्सपोजर देना भी बहुत आवश्यक है। और इसलिए ही यूनिवर्सिटीज वर्चुअल लैबोरेटरीज की मदद ले यह प्रस्ताव भी रखा। अब सभी यूनिवर्सिटीज एवं विश्वविद्यालय विडियो क्लास के जरिये छात्रों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

हर संसथान ने वर्चुअल क्लास रूम तैयार किये हैं जहाँ से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए संस्थानों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जा रही है।

तरह तरह से Student को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ताकि Student की पढाई का नुकसान न हो।

इन सभी नीतियों का पालन इस समय किया जा रहा है जिससे कि छात्रों को पढाई में सहूलियत हो रही है और उनकी चिंता थोड़ी कम हुई है। यह एक बहुत जरुरी कदम था जो कि UGC एवं सरकार द्वारा उठाया गया और इस कठिन परिस्थिति में भी अध्ययन को जारी रखा हुआ है।

UGC एवं AICTC में क्या अंतर है

यह एक बहुत अहम् सवाल है जो कई लोगों के मन में इस समय आ रहा होगा कि UGC एवं AICTC में क्या अंतर है तो:

UGC में सभी विश्वविद्यालय एवं कॉलेज आते हैं। वहीं AICTC में सभी तकनीकी संस्थान आते हैं।

UGC का गठन सन 1956 में यूनियन गवर्नमेंट द्वारा किया गया था वहीं AICTC का गठन सन 1945 में हुआ था।

UGC द्वारा देश के विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी जाती है। साथ ही कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों को धन भी प्रदान किया जाता है। वहीं AICTC एक वैधानिक निकाय है जो तकनीकी शिक्षा प्रणाली से सम्बंधित विकास और उचित योजना पर ध्यान देता है।

AICTC क्या है?

जैसे आपने UGC का नाम सुना है वैसे ही अपने AICTC का नाम भी जरूर सुना होगा। और इस समय कई लोग इस बार को लेकर Confuse होंगे कि AICTC क्या है। वैसे हम UGC एवं AICTC में अंतर तो देख ही चुके हैं अब हम जानेंगे कि AICTC क्या है। तो AICTC का पूरा नाम यानि Full Form है “All India Council for Technical Education” है। इसे हिंदी में “अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद” कहा जाता है।

AICTC एक वैधानिक निकाय है जो भारत देश में जितनी भी तकनीकी शिक्षा प्रणाली हैं उनके समन्वित विकास और उचित योजना से सम्बंधित कार्यों पर ध्यान देती है और उनके उचित प्रबंध करती है। AICTC के साथ सभी इंजीनियरिंग, एमबीए और फार्मेसी कॉलेज को सम्बद्ध किया गया है। इसका गठन 1945 में हुआ था एवं इसका मुख्यालय दिल्ली में है।

UGC प्राप्त जो भी विश्वविद्यालय हैं वे सभी भरोसेमंद विश्वविधालयों की सूचि में आते हैं। इसलिए लोग इस बार पर विशेष ध्यान देते हैं कि क्या विश्वविद्यालय UGC से मान्यता प्राप्त है या नहीं। UGC से प्राप्त की गई डिग्री को सभी संगठनों द्वारा स्वीकार जाता है। साथ ही विदेशों में भी नौकरी के लिए आवेदन किया जा सकता है। UGC एवं AICTC दोनों ही अपने अपने कार्यों के लिए प्रबंध करते हैं एवं दोनों ही शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम् भूमिका निभाते हैं।

ये दोनों ही ऐसे संगठन है जिनके द्वारा भारत का शिक्षा विभाग उत्तम तरीके से कार्य करने में सक्षम है और इन दोनों के बिना ही शिक्षा क्षेत्र अधूरा सा है। इसलिए इनके कार्यों में संशोधन होता रहता है जिससे कि भारत की शिक्षा प्रणाली को और बेहतर किया जा सके। और सरकार आवश्यकता अनुसार इनके नियमों में परिवर्तन करती है एवं समय-समय पर ऐसा होना जरुरी भी है। यहाँ हमने UGC के बारे में देखा कि इसकी देश में कितनी अहमियत है और यह कितनी महत्वपूर्ण है।

Tips

I hope की आपको UGC क्या है इसका Full Form (UGC Full Form In Hindi) क्या होता है आदि के बारे मे पता चल गया होगा अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी है तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले! Thanks For Reading.

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नमस्ते, मेरा नाम Samir है मै HFT का Co-Author & Founder हु मुझे हमेशा से नयी चीजे सिखने तथा उन्हे लोगो के साथ शेयर करना पसंद है. क्योकि मैं भी आपकी तरह ही हु. अगर आपको हमारा काम पसंद आता है तो हमे सोशल साईट पर फॉलो कर सकते है.

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