TRP Full Form In Hindi – टीआरपी फुल फॉर्म क्या होता है?

TRP Full Form In Hindi – TRP का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा। लेकिन हो सकता है आपको इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी न हो तो आज हम आपको इसके बारे यहाँ पर पूर्ण रूप से बताएँगे। आप सभी लोग टीवी सीरियल और रियलिटी शो तो देखते ही होंगे। तो यह TRP उसी टीवी सीरियल और शो से सम्बंधित होता है।

वैसे हम कई बार लोगों को बात करते हुए सुनते हैं कि इस शो की TRP इतनी है या कम है या ज्यादा है उसके बारे में बताते हैं। तो ये TRP आखिर है क्या, इसे कैसे Decide किया जाता है एवं इसके कम एवं ज्यादा होने से क्या फर्क पड़ता है आज हम इसके बारे में यहाँ जानेंगे।

कई बार हमें TRP जैसे शब्दों को जानने की बहुत उत्सुकता होती है लेकिन हमें इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाती और कई बार गलत जानकारी भी मिलती है। तो चलिए आज आपको TRP के बारे मे सटीक जानकारी यहाँ देने वाले हैं। यहाँ हम आपको बताएँगे कि आखिर TRP का खेल है क्या। क्यों TRP को इतना महत्व दिया जाता है। इसका Full Form क्या होता है आज हम जानेंगे।

TRP क्या है TRP का Full Form क्या होता है?

trp full form in hindi

जैसा कि हमने ऊपर देखा कि अगर आप TV Serial या फिर Reality Show देखते हैं तो आपने TRP के बारे में भी सुना होगा। इस बात से तात्पर्य यह है कि TRP इन्ही शो और सीरियल से सम्बंधित शब्द है। आपने कलर पर चर्चित शो बिग बॉस के बारे में तो सुना ही होगा जिसके होस्ट सलमान खान है।

आज के समय का यह सबसे बड़ा शो है और इस वर्ष का सीजन 13 तो एतिहासिक भी बताया गया है। हालाँकि अभी इस शो ने इस साल का अपना विजेता घोषित कर दिया है। (हम यहाँ बिग बॉस की बात सिर्फ एक उदहारण के तौर पर कर रहे हैं।) तो इस शो की TRP बहुत अधिक रही है।

TRP का पूरा नाम यानि Full Form “Television Rating Point” होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि किस शो को कितना ज्यादा देखा जा रहा है। सभी चैनल शो की रेटिंग जानने के लिए बड़े शहरों में कुछ खास जगह पर ऐसी डिवाइस लगा देते हैं जिनसे पता चलता है कि लोग किस शो को कितना पसंद कर रहे हैं।

इसे People Meter के नाम से भी जाना जाता है। हर घर में यह Meter लगाना संभव नहीं होता इसलिए कुछ ही जगहों में इसे लगाया जाता है और ऐसी जगह लगाया जाता है जहां सेटटॉप बॉक्स के जरिये इसके बारे में पता चलता रहता है कि किस चैनल को अधिक देखा जा रहा है।

TRP का पता लगाने का तरीका

अब TRP का Full Form जानने के बाद आप लोगों के मन में यह उत्सुकता जरूर जाग्रत हुई होगी कि TRP को पता कैसे किया जाता होगा। जैसे कि हमने People Meter की बात की। तो यह People Meter शहर के सभी सेटटॉप बॉक्स से कनेक्ट हो जाती है। और सही TRP जानने के लिए अब सेटटॉप बॉक्स का प्रयोग किया जाता है.

पहले जब केवल से टीवी को कनेक्ट किया जाता था तब ऐसा पता कर पाना मुमकिन नहीं था। यहाँ एक Monitoring Team भी होती है जो सेटटॉप बॉक्स पर नज़र रखती है और उसकी जानकारी ऊपर तक भेजती है। यह सब Digital तरीके से कार्य करते हैं। Monitoring Team और Device से यह पता चलता है कि कौन सा चैनल कितना देखा जा रहा है और किस समय पर अधिक देखा जा रहा है।

यह सब रेटिंग के अनुसार भी पता लगाया जाता है। इतना ही नहीं Monitoring टीम यह भी तय करती है कि People Meter के द्वारा जो जानकारी भेजी जा रही है उसके अनुसार कौन से चैनल के किस शो को सबसे अधिक देखा जा रहा है। इसे ही Television Rating Point कहते हैं जिसको छोटे शब्दों में TRP कहा जाता है।

TRP के द्वारा कैसे टीवी चैनल इनकम करते हैं?

यह भी जनता के लिए बहुत ही बड़ा सवाल है जो अक्सर उनके मन में उठता रहता होगा कि कैसे TRP के द्वारा टीवी चैनल को आय होती है। वैसे तो किसी भी चैनल की 80 प्रतिशत तक आय तो विज्ञापनों से होती है। और अपने देखा ही होगा हर सीरियल और शो के बीच में कुछ मिनिट का ब्रेक आता ही है जिसमें कई विज्ञापन आते हैं।

ये जो विज्ञापन आप ब्रेक में देखते हैं इनसे चैनल को काफी मोटा पैसा मिलता है। अब आप ये सोच रहे होंगे कि TRP का विज्ञापन से क्या सम्बन्ध है। जिस भी शो की TRP बहुत अधिक होती है और जिस चैनल की TRP बहुत अधिक होती है वह चैनल और उस शो के बीच में ब्रेक में विज्ञापन दिखाने के लिए चैनल को बहुत अधिक पैसा मिलता है।

जैसा कि हमने अभी उदहारण लिया था बिग बॉस का। तो बिग बॉस जैसे कि इस बार बहुत ही चर्चा में रहा और शो की TRP बहुत अधिक थी इसके बीच में दिखाए जाने वाले विज्ञापन बड़ी-बड़ी कंपनियों के होते थे। और ये कंपनियाँ काफी मोटी रकम चैनल को अपने विज्ञापन दिखाने के लिए देती थीं।

कंपनियों की कोशिश यही रहती है कि उनके विज्ञापन को अधिक से अधिक देखा जाये और ज्यादा TRP वाले शो के बीच में दिखाने से उन कंपनियों का भी काफी Benefit होता है। और चैनल को भी इससे अच्छी खासी Income होती है। टीवी चैनल का और विज्ञापन वाली कंपनियों का TRP से काफी घर सम्बन्ध है जो आपको भी शायद समझ आ गया होगा।

ज्यादा से ज्यदा विज्ञापन मतलब ज्यादा से ज्यादा इनकम। इस तरह से चैनल अपनी इनकम करते हैं और कंपनियाँ दूसरी तरफ खुद की इनकम करती है। जनता तक उनका सन्देश विज्ञापनों के जरिये पहुँचता है। यह मार्केटिंग का एक बहुत बड़ा तरीका है। जैसे कहा जाता है जो दिखता है वही बिकता है।

तो यहाँ ब्रेक में विज्ञापन दिखाकर ग्राहकों को कंपनी खुद की तरफ आकर्षित करती है साथ ही अपने प्रोडक्ट या सर्विस की कुछ जानकर बताती है। जब ग्राहकों को कोई प्रोडक्ट अच्छा लगता है तो ग्राहक उस प्रोडक्ट या सर्विस को खरीदते हैं। और यही कंपनी का Motive भी होता है।

TRP का महत्व

जैसा कि आपने देखा TRP का मतलब क्या है। तो आप यह भी समझ गए होंगे कि एक चैनल और एक शो के लिए TRP का क्या महत्व है। TRP का महत्व वैसा ही है जैसा एक व्यक्ति के लिए सैलरी और इंसेंटिव का होता है। एक टीवी चैनल को TRP से सबसे ज्यादा कमी होती है और इसलिए हर चैनल की यह कोशिश रहती है कि बड़ी से बड़ी कंपनियाँ उनके चैनल को ही अपना विज्ञापन दें।

जिस चैनल को कम दर्शक देखते हैं उन चैनल की TRP कम होती है और उन्हें छोटी कंपनी ही विज्ञापन देती हैं। कई बार तो इन्हें कम ही विज्ञापन मिलते हैं और कई बार जब किसी भी वजह से चैनल की TRP बहुत ही कम हो जाती है तो चैनल को विज्ञापन मिलना ही बंद हो जाते हैं और चैनल डूब जाते हैं।

TRP सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं Advertiser के लिए। और वे इस बात की खोज खबर पहले से ही रखते हैं कि किस चैनल पर से उन्हें कितना फायदा मिल सकता है। जो बड़ी-बड़ी कंपनी होती हैं वे तो बड़े चैनल और बड़े शो के ब्रेक में ही अपने विज्ञापनों को Promote करवाती हैं।

इसकी एक बहुत बड़ी वजह यह है कि इससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा दर्शक देखेंगे और उनकी सर्विस या उनकी प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा लोग खरीदेंगे। और कई हद तक उनका सोचना सही भी निकलता है। लोग या दर्शक ऐसा करते हैं और ग्राहक में बदल जाते हैं। और यही कारण है कि हर कोई चैनल अपनी TRP बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है।

आखिर कैसे बढती है TRP

हम एक बार फिर बिग बॉस का उदहारण लेंगे। कोई भी चैनल या शो दर्शक तब देखते हैं जब उन्हें वहाँ भरपूर मनोरंजन मिलता है। तो बिग बॉस एक ऐसा शो है जो 13 सालों से चला आ रहा है और दर्शकों का अब यह सबसे पसंदीदा शो बन चुका है। और बिग बॉस 13 से बिग बॉस की Fan Following इतनी अधिक बड गई है कि शायद लोगों ने इसका एक एपिसोड भी नहीं छोड़ा होगा।

और अगले सीजन से भी दर्शकों की उम्मीदें कहीं ज्यादा होंगी। दर्हकों की बढती हुई लोकप्रियता से एक चैनल और उसके शो की TRP भी बढती है। अगर दर्शकों को कोई शो नहीं पसंद आता तो दर्शकों की मनोधारणा हो जाती है कि शायद इस चैनल के और शो भी मनोरंजक नहीं होंगे। और इस धारणा की वजह से दर्शक उस चैनल के शो नहीं देखते।

और दर्शकों को जो भी शो अच्छा लगता है वे उसे खुद तो देखते ही हैं उसके बारे में अपने दोस्तों को भी बताते हैं और उस चैनल के और भी शो देखते हैं। TRP बढ़ाने के लिए पूरा खेल दर्शकों की मनोधारण का है। इसलिए हर चैनल अच्छे से अच्छा शो अपने चैनल पर दिखाने की कोशिश करता है जिससे चैनल की TRP बढे और चैनल को अत्यधिक कमाई हो सके। देखा जाये तो TRP से भी कई लोगों के घरों में आय आ रही है।

चैनल में शो होते हैं और शो में जो लोग कार्य करते हैं उस शो की तरफ से शो में कार्य कर रहे सभी कलाकारों को पैसे मिलते हैं। और जो लोग चैनल के लिए काम करते हैं उन्हें भी चैनल की तरफ से पैसे मिले हैं। तो अब यह तो पूरी तरफ से साफ़ हो गया है कि TRP आखिर इतना महत्वपूर्ण क्यों हैं और यह कैसे बढती है।

TRP कम होने के नुकसान

TRP कम होने के कई बुरे परिणाम चैनल को भुगतने पड़ते हैं जैसे अगर किसी चैनल की TRP कम है तो उसे अच्छे शो नहीं मिलेंगे और अगर शो अच्छे नहीं मिलेंगे तो दर्शक उस चैनल को नहीं देखेंगे। चैनल को न देखने की वजह से कोई भी बड़ी कंपनी न तो चैनल को विज्ञापन देगी न ही चैनल को अच्छे Sponsor मिलेंगे।

इसका सीधा प्रवाह चैनल पर नकारात्मक रूप से पड़ेगा। हो सकता है चैनल को बंद भी करना पड़े। और जो शो उस चैनल पर चल रहे होते हैं वे फिर किसी अन्य चैनल पर दिखाए जाने लगते हैं। TRP का सम्बन्ध विज्ञापनों से है। और चैनल को भी शो तब ही मिलते हैं जब कि चैनल की TRP अच्छी हो।

कम TRP वाले चैनल को कम बजट वाले ही शो मिलते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि कम बजट वाले या कम TRP वाले चैनल कभी अपनी TRP बड़ा नहीं सकते। हर चीज़ को उठने और बनने में समय तो लगता है जब कोई चैनल अपनी शुरुआत करता है तो थोड़ी परेशानी तो होती है। लेकिन अच्छे शो और दर्शकों के प्रिय बन जाने पर चैनल की TRP ज्यादा होना भी संभव है।

TRP से आया पैसा कैसे Distribute होता है?

यह बहुत ही अहम् प्रश्न है कि आखिर कैसे TRP से आया हुआ पैसा डिस्ट्रीब्यूट होता है? मान लीजिये कि एक विज्ञापन के लिए कंपनी ने चैनल को 1 करोड़ रूपये दिए तो उसमें से चैनल के मालिक को 5 या अधिक लोगों की सैलरी निकलना है और जो पैसा चैनल में लग रहा है उस खर्चे को भी निकलना है।

इस स्थिति में चैनल का मालिक कम से कम 60 लाख की लागत को निकलेगा तो भी उसके पास 40 लाख रूपये बचते हैं। अगर किसी चैनल की TRP अच्छी नहीं होती और चैनल के पास विज्ञापन नहीं होते तो चैनल के मालिक को यह पैसा खुद की जेब से देना पड़ता है। शुरूआती दौर में हर चैनल को यह पैसा खुद ही देना होता है धीरे-धीरे TRP बढ़ने पर चैनल पैसा कमाने लगता है।

Tips

तो दोस्तों यह सभी जानकारी थी TRP के बारे में। कभी-कभी हमें बहुत सी चीज़ें नहीं पता होती। जैसे हमने TRP शब्द तो सुना होगा लेकिन हो सकता है कि इसके बारे पूर्ण जानकारी न हो। तो यहाँ हमने TRP के बारे में आपको पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। जैसे इसका TRP Full Form In Hindi, Full Form Of TRP, TRP आज के समय का और चैनलों का अहम् हिस्सा बन चुका है। हर चैनल अपनी TRP बढ़ाने में लगा हुआ है।

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नमस्ते, मेरा नाम Samir है मै HFT का Co-Author & Founder हु मुझे हमेशा से नयी चीजे सिखने तथा उन्हे लोगो के साथ शेयर करना पसंद है. क्योकि मैं भी आपकी तरह ही हु. अगर आपको हमारा काम पसंद आता है तो हमे सोशल साईट पर फॉलो कर सकते है.

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