TCS क्या है? इसका Full Form क्या होता है!

TCS Full Form In Hindi – TCS भी एक प्रकार का tax ही है जो कि भारत सरकार के द्वारा खरीददारों पर लगाया जाता है। लेकिन इसमें केवल वो लोग आते है, जो लोग महंगे वस्तुओं की ख़रीददारी करते है। इस tax को जो भी दुकानदार या यूं कहें कि जो विक्रेता होता है वह ग्राहक से खरीददारी के दौरान ही या तो cash या फिर online collect कर लेता है।

और बाद में income tax department को अपनी सुविधा अनुसार समय पर जमा करवा देता है। अगर कोई दुकानदार ऐसा नही करता है। तो यह income tax कानून का उल्लंघन माना जाता है और उस पर कानून मे उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार सजा या जुर्माना लगाया जा सकता है।

लेकिन बहुत से cases में अक्सर व्यापारियों पर कुछ जुर्माना लगाकर ही छोड़ दिया जाता है। ताकि वो लोग अगली बार tax की चोरी करने से पहले सोचे और भविष्य में ऐसी गलती को न दोहराए। हालांकि हमारे देश की government भी tax में हो रही चोरी से बहुत परेशान है। और टैक्स की हो रही चोरी को रोकने के लिए बहुत से अलग अलग चीज़ों को implement भी किया है।

ताकि कुछ लोग जो सही से tax नही भरते है उनको पकड़ा जा सके और tax की चोरी को रोका जा सके। हालांकि TCS टैक्स income tax से बहुत अलग है और यह आप को तभी देना होगा जब कि आप किसी बड़े और महंगे समान जैसे कि महंगी गाड़ी या gold को अधिक मात्रा में खरीदते है। तो उस पर आपको TCS टैक्स देना होगा।

तो चलिए अब विस्तार से जान लेते है कि TCS क्या है और यह किस प्रकार का tax होता है। तथा TCS किन लोगों पर और कब लागू होता है। तथा GST में TCS कब काटा जाता है। और TCS की return file कैसे की जाती है।

TCS क्या है। TCS का Full Form और TCS के बारे में जानकारी।

tcs tax full form

TCS का Full Form “Tax Collected at Source” होता है। सरकार ने यह tax motor vehicle पर लागू किया है। CBDT के नए guidelines के अनुसार customer को अब 10 लाख से अधिक की गाड़ी की ख़रीददारी पर ग्राहक को उसका 1 percent tax के रूप में चुकाना होगा। या फिर यदि कोई व्यक्ति 2 लाख से अधिक पैसा को cash देकर किसी vehicle को खरीदता है, तो भी उसमे 1 percent का TCS देना होगा।

जब भी किसी ग्राहक से यह टैक्स वसूला जाएगा तब retailer या यूं कहें कि दुकानदार उस टैक्स को tax department को जमा करवाना होगा। जैसे कि यदि कोई ग्राहक सोने को अधिक मात्रा में खरीदता है। जैसे कि लाखों रुपए में तो उस पर भी ग्राहक से TCS टैक्स जो कि 1 percent का बनता है वो देना होगा।

यह टैक्स कुछ इस प्रकार आप समझ सकते है। मान लेते है कि आप ने कोई 10 लाख रुपए से अधिक की कोई गाड़ी खरीदी है। और उस पर आपने अपना GST भी भरा है। लेकिन इस पर आपको TCS टैक्स भी देना होगा। जो कि 1 percent या 2 percent हो सकता है। और कई चीज़ों पर high TCS apply होता है।

जो कि अधिकतम 5 percent तक हो सकता है। और इस टैक्स को seller खुद वसूल कर उसको फौरन tax department में जमा करवा देता है। वह seller चाहे तो तुरंत या कुछ समय के बाद भी पैसा tax department में जमा करवा सकता है। या फिर online भी जमा करवा सकता है।

TCS प्रमाणपत्र

जब भी tax collector अपना तिमाही TCS return यानी कि फॉर्म 27EQ के submit करता है। तब उसको अपने सामान के खरीददार को TCS प्रमाण पत्र देना होता है।

Form 27D TDS return करने वाले को प्रमाण पत्र के रूप में दिया जाता है। जिसके लिए जरूरी details निम्नलिख्ति है।

  • समान बेचने वाले और खरीदने वाले दोनों व्यक्तियों का नाम।
  • जो भी तिमाही TCS return भरता है उस seller का TAN नंबर।
  • Buyer और seller का Pan card नंबर।
  • जितना भी tax को collect किया गया है उसकी पूरी detail.
  • किस दिन tax collect किया गया है।
  • कितना tax rate वसूला गया है उसकी भी जानकारी उसमे भरना होता है।
  • यह certificate TCS तिमाही return भरने के 15 दिनों के अंदर उपलब्ध करवा दिया जाता है।

E-COMMERCE Companies के लिए TCS की अनिवार्यता

GST में e-commerce companies को भी TCS का इंतज़ाम किया गया है। अब जो भी व्यक्ति e-commerce से 2.5 लाख से ज्यादा की ख़रीददारी करता है। उस पर e-commerce companies को 2.5 percent तक का TCS वसूलने के अधिकार है। जैसे कि हमारे देश भारत मे सभी बड़ी e-commerce कंपनियां amazon, flipkart, snapdeal, जैसे आते है।

GST में मौजूद प्रावधान के मुताबिक सभी e-commerce तथा अन्य सभी प्रकार की companies और businesses को चाहे वो छोटी हो या फिर बड़ी उसको खुद की कंपनी को GST में register करना जरूरी है। जब भी कोई अपनी कंपनी को GST में registered करता है तो उसको एक Gst नंबर दे दिया जाता है। और फिर वह अपने सभी tax को उसी नंबर के द्वारा भरता है।

यहाँ पर e-commerce companies को प्रत्येक महीने की इकट्ठा किये गए TCS को अगले महीने की 10 तारीख तक सरकार के पास एकत्रित राशि जमा करनी होती है। तथा उनको वसूले गए TCS का monthly statement भी form GSTR-8 के रूप में रखना अनिवार्य होता है।

इसके इलावा भी उन सभी e-commerce companies को सालाना return file भी करना जरूरी होता है। जिसमे की पूरे साल में कितना tcs वसूला गया उसका विवरण देना होता है। यह form GSTR-9B में होता है।

TCS की Payment और Returns के बारे में जानकारी।

TCS टैक्स government को Payment और return file करने की तारीख हर तीसरे महीने होती है। जो कि टैक्स डिपार्टमेंट के द्वारा वसूला हुआ सरकार को देना होता है। पहले तीन महीने April, may, June के 7 तारीख तक को भरना होता है। और दूसरा July, august, September के 7 तारीख तक, और तीसरा चरण October, November, December की 7 तारीख तक का होता है। तथा इसमे late file return करने की तारीख 15 तक कि होती है।

  • TCS के सभी returns sellers को 7 दिनों के अंदर Callahan नंबर 281 के अंतर्गत भरना होता है।
  • यहाँ पर टैक्स collector ही पूरी तरह से responsible होता है government को पूरे और सही वसूलें हुए पैसों को देने के लिए। यदि “टैक्स collector” टैक्स को collect करके सरकार को वह amount सही समय ‘जो कि महीने की 7 तारीख को देना होता है’ उस दिन जमा नही करवाते है तो उस amount पर उनको हर महीने 1% ब्याज के रूप में government को pay करना होगा।
  • प्रत्येक tax collector को अपना return form 24EQ हर तीन महीने के अंतराल पर file करना होता है। और यदि उस ने कोई TCS tax late भरा है तो उसका जो भी ब्याज होगा। उसको tax return file करने से पहले भरना होगा।

कुछ प्रश्न (Question) जो कि TCS को लेकर लोगो के द्वारा पूछे गया है।

TCS Certificate क्या होता है।

जैसा कि आप को हम ने ऊपर भी बताया है कि यह certificate buyer को issue किया जाता है। यह certificate buyer से tax लिए जाने का प्रमाण पत्र है जो महीने के अंत से एक सप्ताह के भीतर seller द्वारा फॉर्म नंबर 27D में जमा किया जाना होता है, जिससे tax एकत्र किया गया था।

अगर कभी TCS Certificate गुम हो जाए तो उसे कैसे प्राप्त कर सकते है।

अगर जारी किया गया TCS certificate गुम जाता है तो जो व्यक्ति TAX वसूलता है वह उसका duplicate certificate एक सादे कागज़ पर बना कर दे सकता है। लेकिन उसको source से एकत्र किए गए tax के लिए credit देने से पहले, भुगतान को प्रमाणित करना होगा और उससे किसी भी प्रकार की क्षति पूर्ति के लिए bond भी sign करवाना होगा।

क्या TCS, Gold को खरीदने के लिए अनिवार्य है।

यदि कोई व्यक्ति gold की ख़रीददारी करता है तो उस पर जो भी TCS वसूला जाता है वह नियम अनुसार और seller के द्वारा ही वसूला जाता है। लेकिन TCS tax तभी buyer को देना होता है जब 5 लाख से अधिक के gold की ख़रीददारी करे।

Tips

इस पोस्ट के माध्यम से आप ने जाना है कि TCS क्या होता है। इसका Full Form क्या है और यह कब और किन लोगों पर लागू होता है। TCS की Returns file कैसे होती है। तथा buyers और sellers के लिए इसके मापदंड क्या है।

दोस्तों tax उन सभी लोगो को ईमानदारी से भरना चाहिए जो लोग इसके दायरे में आते है। आपके और हमारे दिए गए tax के बदौलत ही सरकार की योजनाएं बनती है और सरकार की कमाई भी उसी से होती है। जो कि बाद में good service के रूप में हमे ही प्राप्त होती है। हालांकि कुछ लोग टैक्स की चोरी भी करते है।

लेकिन पकड़े जाने पर उन लोगो से दुगनी वसूली भी सरकार तथा income tax department के द्वारा की जाती है। हमारी आप सभी लोगो से यही Request हैं की जब भी आप किसी प्रकार की ख़रीददारी करे तो आप tax जरूर दे, और अपनी ख़रीददारी का bill भी दुकानदार से जरूर प्राप्त करे।

आपको हमारी यह जानकारी कैसी लगी, हमें comment box के द्वारा अपनी राय जरूर दे। और इस पोस्ट को अपने मित्रों और परिवारजनों के साथ भी शेयर करे ताकि उनको भी TCS के बारे जानकारी प्राप्त हो।

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नमस्ते, मेरा नाम Samir है मै HFT का Co-Author & Founder हु मुझे हमेशा से नयी चीजे सिखने तथा उन्हे लोगो के साथ शेयर करना पसंद है. क्योकि मैं भी आपकी तरह ही हु. अगर आपको हमारा काम पसंद आता है तो हमे सोशल साईट पर फॉलो कर सकते है.

1 COMMENT

  1. इस आर्टिकल के माध्यम से बहुत अच्छी जानकारी पढ़ने को मिली. आपकी वेबसाइट बहुत अच्छी लगी.

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