PM Full Form In Hindi – पीएम का फुल फॉर्म क्या होता है!

PM Full Form In Hindi – समय ही हमे अपने पूरे दिन की schedule को set करने में मदद करता है। लेकिन आप ने digital घड़ी में time के बाद AM और PM लिखा जरूर देखा होगा। लेकिन क्या आपको इसका मतलब पता है। यह क्यो लिखा होता है। तथा यह कब से समय यानी कि time के पीछे लिखा जा रहा है।

समय का आविष्कार बहुत सालो पहले ही हो गया था। तथा शुरुआत में समय को देखने के लिए natural चीज़ों का इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि की उस समय तक किसी प्रकार की mechanical घड़ी का आविष्कार नही किया गया था। जैसे कि आज के समय मे हम आसानी से अपने mobile या digital clock या फिर hand watch में समय को सही सही  देख लेते है। लेकिन शुरुआत में समय को केवल माहिर गणितज्ञ ही देख और समझ पाते थे।

आज के समय मे यदि हम time कभी भी कही भी आसानी से जो देख पाते है वो केवल आविष्कार से ही संभव हो पाया है। तथा जब घड़ी का पहली बार निर्माण हुआ था वो आज के जैसे छोटी जिसे हम pocket में लेकर आसानी से कही भी जा सकते है वैसा नही थी। पहले बहुत बड़े बड़े आकार की time watch हुआ करती थी। जिसे कि एक जगह से दूसरी जगह ले जाना नाममुंकिन्न हुआ करता था।

तो चलिए दोस्तों विस्तार से PM के बारे में जान लेते है कि यह क्या होता है। और PM का full form क्या होता है।

PM क्या होता है। PM का FULL FORM क्या है।

what is the full form of pm

घड़ी में PM का full form post Meridian होता है जो कि आज के समय मे बहुत ही कम लोगो को मालूम होगा। अगर पूरे दुनिया मे देखे को केवल 10 percent लोग ही होंगे जो कि AM और PM का full form जानते होंगे।

दोस्तों PM का full form तो आपको अब पता लग ही गया होगा, लेकिन इसके बारे में जानकारी नही होगी आपको। तो चलिए अब आपको हम PM के बारे में विस्तार से बताते है। PM घड़ी में दोपहर के 12 बजे के बाद वाला समय होता है। यह मुख्य रूप से 12 hours वाले घड़ी में लिखा होता है। जो कि उसमें दिन और रात के समय को denote करता है। ताकि हमे घड़ी देख कर ये पता लग सके कि समय सुबह का है या दोपहर के बाद का।

PM का समय दोपहर के 12 बजे से शुरू होकर रात के 11.59 मिनट तक का होता है। वही रात के समय 12 बजते ही AM का समय शुरू हो जाता है। लेकिन बहुत से लोगो के मन मे इस बात को लेकर doubt रहता है। कि रात का समय जो कि 8 बजे से शुरू होता है वो pm होता है और सुबह 4 बजे से AM का समय होता है। तो शायद अब आपको AM का समय और pm का समय clear हो गया होगा।

यह समय बहुत ही पुराने काल से इस्तेमाल हो रहा है। जो मिस्र के समय मे ही बनाया गया था।

AM तथा PM से जुड़े इतिहास

समय का इतिहास बहुत पुराना है। शुरुआत के समय मे दिन को दो भागों में बांटा गया था। रात और दिन, जिसमे की दिन के समय का पता करने के लिए सूर्य की दिशा को देखा जाता था और रात के समय को जानने के लिए चंद्रमा की दिशा को देख कर पता लगाया जाता था। तथा ऐसे ही समय देखते देखते आगे चलकर 12 hours की प्रणाली के रूप में विकशित हुआ। और यह आधी रात से शुरू होता तथा आधे दिन के होने के बाद खत्म होता है।

इस 12 घंटे के system का उपयोग प्राचीन मिस्र के समय मे किया जाने लगा, जो कि आज तक चलता आ रहा है। लेकिन वही रोमन लोग दिन के समय का पता करने के लिए 12 hour system का प्रयोग करते थे। तथा रात के समय को जानने के लिए चार घड़ियों में समय बांटा हुआ था।

इसके बाद आगे चलकर पहली mechanical घड़ी का आविष्कार 14th century में हुआ हुआ। जो कि 12 hours के हिसाब से समय को बताती थी। जिसमे की AM और PM दोनों ही उपलब्ध होते थे। तथा इसमे जो भी numbers लिखे गए थे वो सभी रोमन लिपि (भाषा) में लिखे गए थे। तथा इस घड़ी का आकार बहुत बड़ा था।

इसके एक सदी के बाद जो कि 15 सदी या 16 सदी के समय घड़ी का इस्तेमाल सार्वजनिक तौर पर किए जाने लगा। जिसके बाद यह पूरे यूरोप में famous हो गयी। लेकिन उस समय 24 hours format केवल खगोलीय कार्यो के लिए ही इस्तेमाल की जाति थी।

घड़ी में PM कब से कब तक के समय के बीच का होता है।

जैसा कि हम आपको ऊपर भी बता चुके है कि PM का समय दोपहर, शाम और रात का होता है। जो कि एक Particular समय के बीच मे होता है। इसके पीछे बहुत पुराना इतिहास भी है जो कि हमने आपको ऊपर बताया है।

24 घंटे को मिस्र के समय से ही दो भागों में बांटा गया है। जो कि 12-12 घंटे का हिसाब होता है जिसमे की पहले 12 घंटे दिन के यानी के AM के होते है जो कि रात के 12 बजे से शुरू होकर दोपहर के 11 बज के 59 minutes तक का होता है और अगले 12 घंटे दिन के 12 बजे से शुरू होकर रात के 11 बज के 59 minutes तक का होता है। जिसका इस्तेमाल हम लोग आज भी करते है। लेकिन आज के digital clocks में 12 hours और 24 hours दोनों ही format उपलब्ध होते है जिसमे से आप कोई भी choose कर सकते है। लेकिन mechanical clock में आज भी 12 hours format ही चलता है।

घड़ी का निर्माण कब हुआ था।

घड़ी का निर्माण एक बहुत ही ऐतिहासिक निर्माण है जिसको विकसित करने में कई पीढ़ियों के समय लग चुका है तब जाकर यह घड़ी इतनी छोटी और आसानी से कही भी ले जाने के लिए बन पाई है। वर्ना शुरुआत में तो केवल समय को कुछ ज्ञान की समझ रखने वाले व्यक्ति ही देख और समझ पाते थे।

घड़ी के आविष्कार पोप  सिल्वेस्टर द्वितीय ने 996 ईस्वी किया था। यूरोप में watches का इस्तेमाल 13th century के समय में होने लगा था। लेकिन उस समय यह इतना popular और सभी मे लिए available नही हुआ करता था। इसके बाद 1288 में इंग्लैंड में वेस्टमिंस्टर में सबसे पहले घंटाघर में घड़ी को लगाया गया था। लेकिन उस समय कि बानी घड़ी आज के समय के अनुसार कम्पलीट घड़ी नही थी तथा उसमे केवल hour वाली ही सुई हुआ करती थी।

लेकिन घड़ी में जो मिनट वाली सुई होती है, उसका आविष्कार काफी समय के बाद सन 1577 ईस्वी जॉस बेर्गी ने जो कि स्विज़ीलैंड के रहने वाले थे उन्होंने किया था। लेकिन मज़े की बात यह है कि minute वाली सुई से पहले ही जर्मनी में रहने वाले हेनलेन ने एक  ऐसी घड़ी बना ली थी जिसे एक जगह से दूसरी जगह आसानी से ले जाया जा सकता था।

ऐसे ही घड़ी मे समय के अनुसार बदलाव होते रहे है। जिन घड़ियों को हम आज हाथ में पहन कर घूमते है उसको सबसे पहले फ्रांसीसी गणितज्ञ और दार्शनिक ब्लेज़ पास्कल ने बनाई थी। ये वही है जिन्होंने calculator का भी आविष्कार किया था।

लगभग 1650 के समय तक सभी लोग घड़ी को जेब मे लेकर घूमने लगे थे।

भारत मे घड़ी कब और कहा बनाई गई थीं।

भारत मे 18 सदी के समय मे घड़ी का निर्माण हुआ था जो कि जयपुर के महाराजा जय सिंह द्वितीय ने करवाया था। यह घड़िया नई दिल्ली, जयपुर, उज्जेन, मथुरा, और वाराणसी में किया गया था। यह कुल मिलाकर पाँच जंतर मंतर थे जिनका निर्माण करवाया गया था। इन सभी का निर्माण 1724 से लेकर 1735 ईस्वी के बीच मे पूरा कर लिया गया था।

Tips About PM Full Form

दोस्तों इस post के जरिए आप ने जाना कि PM और AM क्या होता है और इन मे क्या अंतर है। तथा यह कैसे कार्य करते है। क्यो PM तथा AM का इतना महत्व है। तथा एक digital घड़ी में इसके क्या मायने होते है।

आज के समय मे time देखना चाहे आसान हो गया हो, लेकिन इसका महत्व आज भी पहले की तरह ही है। अगर आप समय का महत्व देखे तो हर चीज़ समय के साथ जुड़ी है। जैसे कि time और space, हालांकि यह विज्ञान का विषय है। लेकिन इसी की वजह से हम समय और गति को माप पाते है।

वैसे ही प्रतेक व्यक्ति की दिनचर्या के साथ भी समय जुड़ा हुआ है। आप को कुछ भी काम करना हो, वह काम समय के साथ जुड़ा ही होता है। जैसे कि आप के office जाने का समय, आपके खाना खाने का समय, यहाँ तक कि आपके सोने का समय भी। आपको यह तो पता ही होगा कि बिना समय के कोई भी वस्तु इस ब्रमांड में exist नही करती है।

उम्मीद है कि आपको इस post के द्वारा समय और AM तथा PM के बारे में पता लग ही गया होगा, अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप अपने दोस्तों और Family के साथ भी share करे। ताकि PM क्या होता है इसके बारे में जानकारी उनको भी मिल सके।

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नमस्ते, मेरा नाम Samir है मै HFT का Co-Author & Founder हु मुझे हमेशा से नयी चीजे सिखने तथा उन्हे लोगो के साथ शेयर करना पसंद है. क्योकि मैं भी आपकी तरह ही हु. अगर आपको हमारा काम पसंद आता है तो हमे सोशल साईट पर फॉलो कर सकते है.

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