PhD क्या है? PhD का Full Form क्या होता है?

PhD Full Form In Hindi – हिन्दुस्तान हो या विदेश हर जगह पढाई और Education का बहुत महत्व है। PhD भी पढाई से ही सम्बंधित है। पढाई व्यक्ति के लिए बहुत जरुरी होती है। हम देखते हैं कि देश विदेश में कई अनुसधान केंद्र हैं, कई यूनिवर्सिटी हैं, जिनमें कई पढ़े लिखे लोग कार्य करते हैं। कुछ ऐसे कार्य भी होते हैं जिनमें पढाई की आवश्यकता नहीं होती लेकिन फिर भी छोटे-छोटे Calculation के लिए भी गणित का आना अनिवार्य है।

मतलब अगर कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं भी है तो उसको थोड़ा बहुत गणित आना चाहिए। मतलब यहाँ भी थोड़ी बहुत पढाई तो काम आती है। पढाई से व्यक्ति का व्यक्तित्व उभर कर आता है, व्यक्ति को सही गलत की पहचान होती है एवं व्यक्ति को कई चीज़ों का ज्ञान भी होता है।

जरुरी नहीं है कि हर व्यक्ति PhD ही करे। सबकी पढाई को लेकर अलग-अलग धारणाएं और अभिलाषाएँ होती हैं। हर व्यक्ति का पढ़ाई को लेकर एक अलग नजरिया होता है। इसलिए सब अपने अनुसार पढाई का क्षेत्र चुनते हैं और जॉब करते हैं या फिर बिज़नेस करते हैं।  यह सब कुछ व्यक्ति कि रूचि और रुझान पर निर्भर करता है।

आज के समय में PhD एक बहुत ही जानामाना कोर्स है। जो Master Degree के बाद ही किया जाना संभव है। जब कोई व्यक्ति PhD कर लेता है तो उसके नाम के साथ डॉक्टर लगने लगता है। ये डॉक्टर सर्जन नहीं होते लेकिन सर्जन से कम भी नहीं होते। PhD वाले डॉक्टर किसी Subject पर Research करते हैं और उसके बारे में नई खोज भी करते हैं। कुछ चुनिंदा लोग ही PhD करते हैं। PhD करना थोड़ा सा मुश्किल होता है क्योंकि इसमें व्यक्ति को बहुत पढाई करना होती है। इसलिए कहते हैं जिस व्यक्ति को पढाई में रुझान है वही PhD कर सकता है।

PHD क्या है? PhD Full Form In Hindi

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PhD का पूरा नाम यानि Full Form “डॉक्टर ऑफ़ फिलॉसफी” (Doctor of Philosophy) होता है। इसे संक्षिप्त में PhD नाम दिया गया है। यह एक ऐसा कोर्स है जिसे करने के बाद व्यक्ति के नाम के साथ डॉक्टर लगने लगता है। PhD एक डाक्टरल डिग्री (Doctoral Degree) होती है। यदि किसी व्यक्ति को महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में  प्रोफेसर के पद पर कार्य करना है तो उसके पास PhD कि डिग्री होना अनिवार्य होता है। इस कोर्स को करने के दौरान व्यक्ति किसी विषय पर रिसर्च या फिर एनालिसिस करते हैं और बाद में उसी रिसर्च या फिर एनालिसिस के लिए व्यक्ति उस विषय का एक्सपर्ट कहलाता है।

परास्नातक के बाद अगर व्यक्ति किसी विषय पर रिसर्च करना चाहता है तो वह इसके लिए PhD कर सकते हैं। PhD करने के बाद व्यक्ति को किसी कॉलेज में प्रोफ़ेसर के रूप में नियुक्ति मिलना आसान हो जाता है। PhD करने के लिए व्यक्ति के परास्नातक में कम से कम 55  प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। और कुछ यूनिवर्सिटी में PhD के लिए खुद के Entrance Exam रखती हैं। PhD के बाद व्यक्ति उस विषय का विशेषज्ञ बन जाता है एवं उस विषय के बारे में व्यक्ति को पूर्ण रूप से जानकारी हो जाती है।

PhD के लिए योग्यता

PhD के लिए हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी के अपने-अपने नियम होते हैं अर्थात व्यक्ति को उन नियम को ध्यान होता है। इन नियम में व्यक्ति के प्रतिशत, Entrance Exam के नंबर कई चीज़ें आती हैं। PhD के लिए व्यक्ति के परास्नातक में अच्छे नंबर होना जरुरी है। वैसे तो परास्नातक में कम से कम 55 प्रतिशत आने पर PhD करने के लिए व्यक्ति योग्य होता है।

PhD कोर्स करने के लाभ

PhD का Full Form तो आप जान गए चलिए इसे करने के क्या फायदे है ये भी जान लेते है। यह शिक्षा के क्षेत्र की सबसे बड़ी डिग्री है। PhD करने के बाद व्यक्ति उस विषय का विशेषज्ञ कहलाता है जिस विषय पर उसने रिसर्च की होती है।

  • PhD करने के बाद व्यक्ति किसी भी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हो सकता है।
  • PhD के पश्चात व्यक्ति अपने विषय पर और अधिक रिसर्च या एनालिसिस कर सकता हैं।
  • PhD के बाद व्यक्ति उसके क्षेत्र के किसी भी पद के लिए आवेदन कर सकता है।
  • जो व्यक्ति PhD कर लेता है उसे क्रिएटर ऑफ़ इनफार्मेशन कहा जाता है।
  • PhD करने के बाद व्यक्ति के नाम के साथ डॉक्टर लगने लगता है।
  • PhD करने के बाद व्यक्ति अपने क्षेत्र में सही या गलत का निर्णय अच्छे प्रकार से ले सकता है।

PhD करने के लिए इन बातों पर विशेष ध्यान दें

PhD करने के लिए कई बातों पर विशेष ध्यान देना होता है क्योंकि यह कोई छोटी डिग्री नहीं है। साथ ही इसके लिए व्यक्ति को बहुत अधिक पढाई करनी होती है।

पहले से ही करें लक्ष्य निर्धारित

जब व्यक्ति कक्षा 10 में होता है उसी समय व्यक्ति को अपना लक्ष्य निर्धारित कर लेना चाहिए। व्यक्ति को पता होना चाहिए कि वह अपने जीवन में किस प्रकार की जॉब करना चाहता है या किस प्रकार की पढाई करना चाहता है। अगर उसी समय ये सोच लिया जाये कि PhD करना है या कुछ और तो पढाई में आगे के लिए विषय चुनना आसान हो जाता है।

कक्षा 12 है बहुत महत्वपूर्ण

12 कक्षा सभी विद्यार्थियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। तो इस समय आपको वही विषय का चुनाव करना चाहिए जो PhD जैसी पढाई में सहयोग करें। और आपको उस विषय का गहन रूप से अध्ययन करना चाहिए। इससे जब आप PhD करेंगे तो आपको विषय सरल लगेंगे। साथ ही आपके  अंक 60 प्रतिशत तो कम से कम होना ही चाहिए और अगर आप इससे जयादा अंक ला पाते हैं तो बहुत ही अच्छी बात है।

स्नातक डिग्री का भी है विशेष  महत्व

स्नातक की डिग्री कक्षा 12 के बाद कि जाती है। अगर आप PhD के बारे में सोच रहे हैं तो आप स्नातक के समय भी अपने विषयों पर विशेष ध्यान दें और इस दौरान भी आप वही विषय चुनें जो आपने इंटरमीडियट में लिए हों। इससे आपको स्नातक की पढाई में सहायता मिलेगी। स्नातक की पढाई में आपको एकाग्रता के साथ पढाई करनी होगी। क्योंकि आपकी स्नातक की पढाई आपको मास्टर में और PhD में सहायता करेगी। इसमें भी आपके कम से कम 60 प्रतिशत होना अनिवार्य है।

परास्नातक

PhD के लिए इस परास्नातक की डिग्री का बहुत ही विशेष महत्व है क्योकि परास्नातक के तुरंत बाद ही आप PhD करने के योग्य हो जाते हैं। अब स्नातक की पढाई के बाद आप परास्नातक की पढाई कर सकते हैं। बस एक चीज़ का हमेशा ध्यान रखें कि आप जो भी डिग्री कर रहे हैं और आपको PhD करना है तो विषय का चुनाव सोच समझकर करें। PhD करने के लिए परास्नातक में आपके कम से कम 55 प्रतिशत अंक आना बहुत ही जरुरी है इससे कम अंक आने पर आप PhD नहीं कर सकते हैं।

परास्नातक के लिए परीक्षाएँ

परास्नातक के लिए और PhD के लिए कई प्रकार के Exam या परीक्षाएँ होती हैं। इन परीक्षाओं को देने के बाद अच्छे महाविद्यालय में Admission मिलना आसान हो जाता है। और इसलिए लोग ये परीक्षाएँ देते हैं।

UGC NET

PhD के लिए परास्नातक के बाद UGC NET की परीक्षा को देना और इसे उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। पहले ऐसा नहीं था लेकिन अब PhD के लिए यह नया नियम लागू किया गया है। यह परीक्षा आप वर्ष में दो बार दे सकते हैं मतलब साल में दो बार UGC NET की परीक्षा आयोजित की जाती है। अगर व्यक्ति अच्छे से पढाई करे तो यह परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की जा सकती है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद ही PhD में प्रवेश लिया जा सकता है।

अगर आप सच में PhD करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको UGC NET का Exam देना होगा। इस Exam में अपने जो अभी तक पढ़ा हुआ है वही आता है लेकिन थोड़ा टेक्निकल आपको इस Exam के लिए पढ़ना होगा। लेकिन फिर भी आपको बाजार में इसके लिए किताबें उपलब्ध हो जाएँगी। इन किताबों से आपको परीक्षा का पैटर्न पता चल जायेगा, जिससे आप यह परीक्षा प्रथम बार में ही पास कर सकते हैं। यह PhD के अनिवार्य Exam हैं तो इसके लिए अच्छे से पढाई करें। आप Online भी कई Test Series Join कर सकते हैं जिससे आपकी तैयारी और बेहतर हो जाएगी।

PhD प्रवेश परीक्षा

PhD प्रवेश परीक्षा का आज के समय में बहुत महत्व है। प्रत्येक विश्वविद्यालय में उनके अपने Level पर PhD की प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। और यह परीक्षा बहुत ही कठिन होती है लेकिन अगर पढाई करके ये परीक्षा दी जाये तो इसको आसानी से पास किया जा सकता है। प्रत्येक विश्वविद्यालय इन परीक्षा का एक Cut Off  Marks होता है। और यही अंक PhD में विश्वविद्यालय एडमिशन के लिए सहायक होते हैं।

फीस

पढाई करने के लिए तो बहुत से लोग रूचि लेते हैं लेकिन कई बार पढाई के लिए लोगों के पास पैसे नहीं होते। यहाँ हम बात करने जा रहे हैं PhD की फीस के बारे में। प्रत्येक विश्वविद्यालय की एक अलग फीस होती है।  लेकिन सरकारी विश्वविद्यालय की फीस निजी महाविद्यालयों या विश्वविद्यालय से कम होती है। लेकिन इन सरकारी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना इतना आसन नहीं होता इसके लिए परीक्षाएं देना होती हैं। यूनिवर्सिटी के ऑनलाइन पोर्टल पर PhD के बारे में सारी जानकारी दी होती है इसलिए आप वहाँ से हर जानकारी ले सकते हैं।

किसे PhD करना चाहिए

जैसा कि हमने पहले भी देखा कि PhD करने के लिए बहुत अधिक पढाई करनी होती है तो उन ही लोगों को PhD करना चाहिए जिन्हें पढाई में बहुत अधिक रूचि हो। या फिर वो लोग PhD करें जिन्हें महाविद्यालय में प्रोफेसर बनना हो। अगर आपको न तो ऐसी जॉब में रूचि है न ही पढाई में तो PhD के बारे में न सोचे। ऐसा करने से आपका समय ही बर्बाद होगा। और अगर आप जॉब में प्रमोशन पाने के लिए PhD करना चाहते हैं तो भी यह परेशानी वाली बात है क्योंकि जॉब के साथ भी आपको PhD की पढाई के लिए समय निकालना पड़ेगा । इसलिए पहले ही सोच समझ लें। और अगर आपको अपनी कंपनी से PhD करने की परमिशन मिल जाती है फिर आप आराम से पढाई कर सकते हैं।

PhD के लिए कुछ Popular विषय

  • PhD in Physics
  • PhD in Psychology
  • PhD in Finance and Economics
  • PhD in Mathematics
  • PhD in Engineering

इन सभी विषयों में PhD की जा सकती है। वैसे तो कई और भी विषय हैं लेकिन अधिकतर लोग इन विषयों पर ही PhD करते हैं। वैसे तो आप किसी भी विषय पर रिसर्च कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी PhD किये हुए प्रोफेसर को अपना गाइड चुनना होता है और उनकी सहमति से विषय चुनना होता है।

PhD करने के लिए लगने वाला समय

PhD में कम से कम तीन से पांच साल का समय लगता है। पहले PhD करने वाले विद्यार्थी को अब PhD का फायदा मिलेगा PhD वाला समय टीचिंग के एक्सपीरियंस की तरह काउंट होगा। यह PhD के विद्यार्थियों के लिए बहुत अहम् फैसला रहा इसके कई फायदे मिल रहे हैं। PhD के साथ-साथ यह एक्सपीरियंस भी जोड़ा जायेगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जो लोग असिस्टेंट प्रोफेसर का जॉब कर रहे हैं वे लोग PhD करने के बाद एसोसिएट प्रोफेसर पर प्रमोट हो जायेंगे।

पार्ट टाइम PhD के भी हैं लाभ

अगर आप लोग ये सोच रहे हैं कि फुल टाइम PhD करने पर ही लाभ मिलेगा तो ऐसा नहीं है पार्ट टाइम PhD करने पर भी लाभ मिलेगा। प्रमोशन का नियम पार्ट टाइम करने वाले विद्यार्थियों पर भी लागू होगा। इसलिए पार्टीमे PhD करने वालों को अब चिंता कि कोई जरुरत नहीं है। लेकिन अगर कोई Study Leave लेकर PhD कर रहा है तो उसको Teaching Experience नहीं दिया जायेगा। लेकिन पार्ट टाइम PhD में Teaching Experience Count होता है।

PhD के प्रमोशन के फायदे

जब कोई व्यक्ति PhD कर लेता है तो उसको प्रमोशन के साथ कई अन्य फायदे भी मिलते हैं। सरकारी नौकरी में इसके बहुत अधिक फायदे हैं जैसे सैलरी बढ़ जाना, पोस्ट बढ़ना, एक्सपीरियंस काउंट होना इत्यादि। इसलिए PhD के लिए लोग प्रयास करते हैं। लेकिन PhD कि पढाई कठिन होती है इसलिए रूचि लेने वाला व्यक्ति ही PhD करने में सक्षम हो पाता है। पार्ट टाइम एवं फुल टाइम दोनों के ही फायदे हैं।

Tips

दोस्तों हमे उम्मीद है आपको PhD क्या इसका Full Form क्या होता है और इस कोर्स को कौन से लोग कर सकते है इसकी जानकारी मिल गई होगी, कमेन्ट बॉक्स मे बताए आपको ये जानकारी कैसी लगी साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर करे जो पीएचडी करना चाहते है या इसके बारे मे जानकारी हासिल करना चाहते है।

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