NPR क्या है? इसके अंतर्गत कौन कौन सी जानकारीयां देनी होगी!

What is NPR In Hindi – NPR भारत के सभी नागरिकों के जनसंख्या संबधी विवरण का व्यापक डेटा है जैसे जन्म तिथि, वैवाहिक स्थिति, जन्म स्थान और राष्ट्रीयता आदि। देश के सभी नागरिकों के लिए NPR में पंजीकरण करना और सरकार को सही विवरण देना जरूरी है।

NPR का Full Form “National Population Register” होता है. NPR की प्रक्रिया पहली बार यूपीए-2 की सरकार ने अप्रैल 2010 से सितंबर 2010 के दौरान जनगणना 2011 के लिए घर-घर जाकर सूची तैयार करने तथा प्रत्येक घर की जनगणना के चरण में देश के सभी सामान्य निवासियों के संबंध में विशिष्ट सूचना जमा करके इस डेटाबेस को तैयार करने का कार्य शुरू किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल इस रजिस्टर में नाम दर्ज कराने वाली पहली सदस्य थीं।

NPR को अपडेट करने की मंजूरी मिलने के बाद अब देश के हर नागरिक को NPR में अपना नाम दर्ज करवाना होगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि राष्ट्रीय NPR के अपडेशन के लिए एक विशेष ऐप तैयार किया गया है। नागरिकों को अपना नाम दर्ज कराने के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। NPR को अपडेट करने के लिए 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक लोगों के घर-घर जाकर आकड़े जुटाए जाएंगे। कैबिनेट से जनगणना 2021 के लिए 8,754.23 करोड़ और NPR के अपडेशन के लिए 3,941.35 करोड़ की मंजूरी मिली है।

देश में 1951 में पहली बार जनगणना हुई थी। 10 साल में होने वाली जनगणना अब तक 7 बार हो चुकी है। अभी 2011 में की गई जनगणना के आंकड़े उपलब्ध हैं और 2021 की जनगणना पर काम चल रहा है। NPR को अब असम के अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से सितंबर 2020 तक जनगणना 2021 की प्रत्येक घर की सूची के साथ अपडेट किया जाएगा। अंतिम बार 2015 में डोर-टू-डोर सर्वेक्षण के माध्यम से अपडेट किया गया था।

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NPR Kya Hai – कैसे तैयार किया जाता है?

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NPR ग्राम पंचायत, तहसील, राज्य और राष्ट्रीय लेवल पर शुरू किया जाता है। नागरिकता कानून, 1955 के तहत यह रजिस्टर तैयार होता है। नागरिकता कानून, 1955 को 2003 में संशोधित किया गया था, जिसके अनुसार NPR के प्रोविज़न्स जोड़े गए थे।

  • केंद्र सरकार देश के हर नागरिक का अनिवार्य पंजीकरण कर राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी कर रही है।
  • सरकार देश के हर नागरिक का रजिस्टर तैयार कर रही है।
  • इन सब के लिए नेशनल रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NRA) भी गठित की गयी है।

NPR की वर्तमान स्थिति क्या है?

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर करने के लिए डेटा 2010 में भारत की जनगणना 2011 के साथ एकत्र किया गया था। जनगणना चरण के दौरान एकत्र किए गए डेटा को 2015 में पहले ही अपडेट किया जा चुका है। अब सरकार ने जनगणना 2021 के साथ-साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का निर्णय लिया है।

कैसे होगा सर्वे?

NPR में तीन प्रक्रिया होगी। पहले चरण यानी अगले साल एक अप्रैल 2020 लेकर से 30 सितंबर के बीच केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे। वहीं दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 के बीच पूरा होगा। तीसरे चरण में संशोधन की प्रक्रिया 1 मार्च से 5 मार्च के बीच होगी।

NPR में किस प्रकार का डेटा शामिल किया जाएगा?

NPR मूल रूप से देश के प्रत्येक व्यक्ति के जनसंख्या संबधी विवरण को कवर करेगा।

  • Nationality (as declared)
  • Name of person
  • Date of Birth
  • Place of birth
  • Mother’s name
  • Father’s name
  • Sex
  • Marital status
  • Spouse’s name (if married)
  • Permanent residential address
  • Educational qualification
  • Occupation/Activity
  • Duration of stay at present address
  • Present address of usual residence
  • Relationship to head of household

NPR कैसे होगा?

अप्रैल, 2020 से सितम्बर, 2020 के दौरान एन पी आर तैयार करने में जुटे ऑफिसर्स घर-घर जाकर डेटा रिकॉर्ड करेंगे। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस तैयार किया जाएगा। यह पूरी प्रोसेस एन पी आर तय करने के लिए नियुक्त किये गए सरकारी अधिकारी की देख रेख में होगी।

NPR और NRC के बीच अंतर

मीडिया में चल रही विरोधाभासी न्यूज के कारण आम जनता NPR और एनआरसी को लेकर उलझन में है।

10 दिसंबर, 2003 को अधिसूचित नागरिकता नियमों के अनुसार, NPR एक रजिस्टर है जिसमें आमतौर पर एक गाँव या ग्रामीण क्षेत्र या कस्बे या वार्ड या निर्धारित क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों का विवरण होता है। NRC एक रजिस्टर है जिसमें भारत और भारत के बाहर रहने वाले भारतीय नागरिकों का विवरण है। इसे ऐसे समझे NPR एक नागरिकता जनगणना अभियान नही है। इसमें छह महीने से अधिक समय तक रहने वाला एक विदेशी भी शामिल होगा। NRC में भारत में रहने वाले विदेशियों को छोड़कर केवल भारत के नागरिकों का विवरण होगा।

क्या NPR और आधार एक ही है?

नहीं। हालांकि, आधार और NPR दोनों का एक लक्ष्य है – सरकारी नीतियों के अमल में सुधार करना।

रिपोर्टों के अनुसार, आधार वाले लोगों को NPR के लिए बायोमेट्रिक्स देने की आवश्यकता नहीं है। सरकार के अनुसार  NPR सब्सिडी के हस्तांतरण के लिए अधिक उपयुक्त होगा।

आधार के विपरीत, NPR बायोमेट्रिक्स पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय कई जनसंख्या संबधी विवरण का डेटा बनाना है ।

NPR रजिस्ट्रेशन की रिक्वायरमेंट्स

NPR के लिए आवश्यक जनसंख्या संबधी विवरण में नाम, घर के मुखिया का संबंध, पिता का नाम, माता का नाम, पति का नाम (यदि विवाहित है), लिंग, जन्म की तारीख, वैवाहिक स्थिति, जन्म स्थान, राष्ट्रीयता (घोषित), जैसे विवरण शामिल हैं। सामान्य निवास का वर्तमान पता, वर्तमान पते पर रहने की अवधि, स्थायी आवासीय पता, व्यवसाय और शैक्षणिक योग्यता आदि जानकारी को इसमें शामिल किया जाएगा। 5 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही इसमें शामिल किया जाएगा।

NPR के उद्देश्य:

NPR Kya Hai आप जान गए चलिए इसका उद्देश्य जानते है। बात दे कि इससे सरकार समय पर व सही योजनायें बना पाएंगी। इसके जरिए सरकारी योजनाओं में फर्ज़ीवाड़े को रोकना आसान हो जाएगा। सरकारी योजनाओं के अन्तर्गत दिया जाने वाला लाभ सही व्यक्ति तक व सही समय पर पहुँच सकेगा।

NPR तैयार होने के बाद अवैध घुसपैठ रोकने में भी कामयाबी मिलेगी और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में सहायक होगा। साथ ही जिससे देश की सुरक्षा में सुधार होगा और भारत में रह रहे लोगों का डेटा बेस तैयार होगा। इससे अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान होगी। देश के सभी नागरिकों को एक साथ जोड़ा जा सकेगा।

मनमोहन सरकार में शुरू हुई थी यह योजना

2010 में पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के अंतर्गत NPR की पहल की गयी थी। जनगणना के पहले 2011 में NPR पर काम शुरू किया गया था। अब फिर से 2021 में जनगणना होने वाली है और पुनः NPR पर भी काम शुरू होगा।

क्या यह सबके लिए जरूरी है?

2004 में नागरिकता कानून में हुए संशोधन के अनुसार सेक्शन 14 के तहत सभी नागरिक के लिए NPR में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। नैशनल रजिस्टर ऑफ इंडियन सिटिजंस के लिए सभी नागरिकों का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह NPR इस दिशा में पहला कदम होगा।

NPR मकसद क्या है?

NPR का मुख्य का मुख्य उद्देश्य देश के सभी सामान्य निवासियों की व्यापक पहचान के लिए डेटा बेस तैयार करना है। सरकार धोखाधड़ी को रोकने, हर परिवार तथा नागरिक तक सरकारी स्कीमों का लाभ पहुंचाने और अपनी योजनाओं को तैयार करने के लिए नैशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) का प्रयोग करती है।

गलत जानकारी देने पर होगा जुर्माना

NPR के तहत हर नागरिक को अपनी सही जानकारी दर्ज करानी होगी। अगर कोई नागरिक NPR के तहत गलत जानकारी दर्ज कराता है तो उसे सिटिजनशिप रूल्स, 2003 के तहत निर्धारित किया हुआ जुर्माना देना होगा।

पहचान पत्र जारी होगा?

अभी ऐसा कुछ निर्धारित नहीं किया गया है कि NPR के तहत कोई पहचान पत्र जारी होगा लेकिन सरकार अभी इस पर विचार विमर्श कर रही है। अगर NPR के तहत  कोई पहचान पत्र जारी किया जाता है तो वह एक स्मार्टकार्ड की तरह ही दिखेगा और उसमें आधार का जिक्र भी होगा।

NPR के लिए उपयोग होगी मोबाइल एप

NPR  के लिए किसी लम्बे फॉर्म या प्रपत्र को नहीं भरना पड़ेगा। इसके लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन होगी जिसके द्वारा स्व-घोषणा की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए किसी भी प्रकार के डाक्यूमेंट्स की जरुरत नहीं है लेकिन इसमें दी जाने वाली जानकारी सही होना चाहिए। इस एप्लीकेशन के लिए सभी राज्यों की अनुमति अनिवार्य थी और सभी राज्यों ने इसकी अनुमति प्रदान कर दी है। यह एक डिजिटल तरीका होगा।

स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में हुई थी NPR की सिफारिश

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल के दौरान NPR की सिफारिश की गयी थी। एनडीए सरकार के तहत कारगिल समीक्षा समिति ने यह सिफारिश की थी कि नागरिकों और गैर-नागरिकों का पंजीकरण किया जाना चाहिए। एवं इस सिफारिश को 2001 में स्वीकारा गया। इसके बाद 2003 के नागरिकता के लिए नियम सरकार ने पारित किये।

पहले भी NPR को आयोजित किया गया था

2010 और 2015 में NPR को आयोजित किया गया था। 1955 में एक नागरिकता अधिनियम में संशोधन किया गया था उसके पश्चात् NPR को पहली बार 2004 में यूपीए सरकार के राज्य में अधिकृत किया गया। इस संशोधन के अनुसार केंद्र को अधिकार था कि वह भारत के प्रत्येक नागरिक को अनिवार्य रूप से पंजीकृत करें और राष्ट्रीय पहचान पत्र को जारी करे।

पायलट प्रोजेक्ट से हुई शुरूआत:

वर्ष 2003 से 2009 के बीच इसके लिए कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट को लागू किया गया था। इसके बाद 2009-2011 में यह NPR तटीय क्षेत्रों में भी लागू किया गया था। इस प्रोजेक्ट का प्रयोग मुंबई हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के लिए किया गया था। और इसके साथ ही लगभग 66 लाख निवासियों को उनके निवासी पहचान पत्र दिए गए थे।

NPR है एक नियमित प्रक्रिया:

NPR की व्याख्या एक नियमित प्रक्रिया के रूप में की गयी है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो सरकार को नयी योजना बनाने में मददगार साबित होगी और साथ ही आगामी जनगणना को पूरा करने में सहायक होगी। इस प्रक्रिया से नागरिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल पायेगा। सभी राज्य सरकारों के पास NPR का डाटा होगा। NPR गारंटी नहीं देता कि एनआरसी लागू होगा लेकिन इसके लिए एक रास्ता  जरूर देता है। यही कारण माना जा रहा है कि कई राज्यों में इसका विरोध किया जा रहा है। इसी विरोध के चलते बंगाल और केरल जैसे राज्यों में अभी NPR के काम को रोक दिया गया है।

देश के सामान्य निवासी का होगा विवरण

इस NPR के डाटा बेस में देश के प्रत्येक निवासी का विवरण होगा। जिसके कई सारे फायदे होंगे और सरकार द्वारा बनायीं गयी हर योजना का लाभ सामान्य नागरिक ले पायेगा। अभी कुछ कारणों के चलते देश के सभी नागरिकों का विवरण सरकार तक नहीं पहुँच पाता। लेकिन अब NPR में जो रजिस्ट्रेशन होगा वह मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा होगा, जो आसान भी होगा और इससे समय की बचत भी होगी।

NPR का विचार कहाँ से आया?

यह बहुत ही रोचक सवाल है कि NPR का विचार कहाँ से आया? तो 2009 में तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने NPR का विचार यूपीए सरकार के समस्त रखा था। लेकिन उस समय आधार प्रोजेक्ट से NPR का टकराव हो रहा था। इसलिए इस विषय पर उस समय उतना ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन 2010 में जनगणना के पहले NPR के लिए डाटा को एकत्रित किया गया उस समय इसके प्रथम चरण को हाउस लिस्टिंग चरण का नाम दिया गया। वर्ष 2015 में इसी डाटा को यह को नए नाम हर घर का सर्वेक्षण आयोजित करके लाया गया।

NPR Kya Hai इसका सार

  • एनपीआर – देश के प्रत्येक सामान्य नागरिक की सूची है।
  • NPR – देश के सभी नागरिकों को पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
  • एनपीआर – NPR को एनआरसी लागू करने का प्रथम कदम भी माना जा रहा है।

सरकार को नागरिकों की इतनी जानकारी की आवश्यकता क्यों है?

यह विचार करने योग्य प्रश्न है कि सरकार इन सभी जानकारी को आखिर क्यों हासिल करना चाहती है? प्रासंगिक जनसांख्यिकीय विवरण के साथ अपने निवासियों की कई प्रकार की जानकारी हर देश और राज्य के पास होना चाहिए। इससे सरकार बेहतर नीतियाँ बनाने और नागरिकों की सुरक्षा करने में सक्षम होती है। देश के विकास और नागरिकों के भले के लिए सरकार को नागरिकों की यह जानकारी लेना अनिवार्य है।

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