Nifty Full Form In Hindi – निफ्टी का फुल फॉर्म क्या होता है?

What is The Full Form Of Nifty In Hindi – आप लोगो ने बहुत बार news में nifty और Sensex जैसे चीज़ों का नाम सुना होगा। लेकिन क्या आपको मालूम है कि यह क्या होती है और इनसे हमारे देश और अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है।

अगर आप share market के बारे में जानते होंगे तो आपको यह भी ज़रुर पता होगा कि nifty क्या होता है। nifty के द्वारा हम अपने देश की economic growth को माप सकते है। यदि कभी nifty कुछ अंक नीचे गिर जाता है उसका मतलब यह होता है कि हमारे देश की economy को कुछ नुकसान हुआ है, वही यदि कभी nifty कुछ अंक ऊपर चली जाती है तो इसका मतलब यह हुआ कि हमारी economy में बढ़त हुई है।

मगर ऐसा नही है कि किसी भी देश की economy को प्रति दिन के आंकड़े से समझा जा सकता है। हमारे देश मे economic growth देखने के लिए पिछले तीन महीनों के आंकड़े देखे जाते है। और फिर उन के हिसाब के आधार पर कहा जाता है कि देश की economic बढ़ी है या गिरी है। वैसे ही Sensex भी देश की growth को दर्शाता है। Sensex में सभी top की बड़ी companies listed होती है। वही nifty में भी national top Ltd companies listed होती है।

तो दोस्तों चलिए अब nifty के बारे में सभी चीज़े विस्तार से जान लेते है कि nifty क्या होता है और यह कैसे काम करता है। क्या nifty और sensex एक है या नही और यदि अलग है तो इनमें क्या फर्क है। तथा nifty के क्या फायदे होते है।

Nifty क्या है Nifty का Full Form क्या होता है।

what is the full form of nifty

Nifty का Full Form “National Stock Exchange” होता है। NSE में सभी large limited companies listed होती है। जो कि सभी 6000 से भी अधिक companies है और उनमें से जो top 50 limited companies होती है वह nifty में listed की जाती है। इसीलिए इसका नाम nifty 50 भी है। लेकिन आधिक लोग केवल nifty के नाम से ही जानते है। nifty में 50 से अधिक companies को list नही किया जा सकता है।

और nifty में जो भी 50 companies listed रहती है उन पर बहुत अच्छे से निगरानी रखी जाती है। क्योंकि इस पर बहुत कुछ निर्भर रहता है। यदि कोई company अच्छा काम कर रही होती है तो उसके share की value बढ़ जाती है और यदि कुछ गड़बड़ होती है तो उस company के share price गिर भी जाते है। ऐसे में इसका असर बहुत सी छोटी companies के share पर भी पड़ता है.

क्योंकि उन बड़ी companies में बहुत से छोटे छोटे companies ने अपना पैसा invest किया होता है। जिसकी वजह से कई बार पूरे market पर भी nifty के आंकड़ों का असर देखा जा सकता है। अगर आप एक line में पूछे कि nifty क्या है तो मै यही कहूँगा कि nifty एक प्रकार का stock index होता है जिसमे की बेहतरीन 50 companies listed होती है।

Nifty कैसे काम करता है।

Nifty में top 50 companies add होती है जो कि business के विभिन्न क्षेत्रों में से चुनी गई होती है। इसके बाद जब उन companies’ के stocks को खरीदा और बेचा जाता है।

जब किसी companies के stocks खरीदे जा रहे होते है तो उस company के shares के price ऊपर की ओर बढ़ते रहते है और company में ज्यादा investment आती है। और जब किसी company के shares के price गिरने लगते है तो इसका मतलब यह होता है कि उस company के shares को लगातार बेचा जा रहा है। तथा जब पूरे दिन की trading खत्म हो जाती है तो उसके बाद यदि share के price opening amount से कम पाए जाते है तो इसका मतलब होता है कि उस दिन nifty market down रहा है और graph में arrow को red color में नीचे की तरफ गिरता हुआ दिखाया जाता है। और यदि listed companies के shares के price market बंद होने के बाद opening price से अधिक पाए जाते है तो graph को green color में ऊपर की तरफ arrow को दिखाया जाता है।

Nifty कैसे बनता है।

Nifty को बनने में एक index committee कार्य करती है और इसमें सभी members बहुत ही अच्छे अर्थशास्त्री होते है। जो कि companies की valuation करते है कि कौन सी company बड़ी है। यह सभी क्षेत्रों से Top बड़ी companies को select करते है और फिर उनकी list तैयार करते है। इसके बाद जो भी उनमें से valuation के आधार पर top की 50 companies होती है। उनको nifty 50 में शामिल कर लिया जाता है।

अब इन्ही companies के share price पर नज़र रखी जाती है। और इन companies की shares के आधार पर ही market में हो रही गतिविधियों का अंदाजा लगाया जाता है। वही अगर इनके market capitalization की बात करे, तो इनका total market का 70% से भी अधिक का market share होता है। इसीलिए यदि कभी इन के share में गिरावट आती है तो इसका नकारात्मक असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है और वही अगर इनके share में तेज़ी आती है तो इसका सकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

Nifty और Sensex में क्या अंतर है।

अगर nifty और sensex में अंतर की बात करे तो सबसे पहला इन दोनों में जो अंतर है वह ये की nifty में 50 companies listed रहती है वही sensex में केवल 30 companies ही शामिल होती है। और जो दूसरा सबसे बड़ा अंतर है वह ये की nifty national stock exchange को कहा जाता है तथा Sensex Bombay stock exchange को कहा जाता है। sensex की शुरुआत 1978 – 1979 में हुई थी और उस वक़्त इसकी base value 100 रखी गयी थी। वही nifty 50 की शुरुआत 1995 – 1996 में हुई थी और इसकी बेस value 1000 रखी गयी थी।

वैसे अगर देखा जाए तो दोनों में काम एक ही प्रकार का होता है। दोनों में ही stocks को ख़रीदा और बेचा जाता है। लेकिन nifty का capital market share सबसे अधिक होता है। इसलिए इसके आंकड़ों के द्वारा ही market में बहुत सी चीज़े depend करती है। और nifty के द्वारा ही market में क्या चल रहा है उसकी सटीक जानकारी प्राप्त हो पाती है और market का आंकलन करने में भी आसानी होती है।

Share market पूरी तरह से public sentiments पर dependent होता है और यदि public में कुछ negative news market और companies को लेकर फैलती है तो इसका loss सीधा companies के share price पर पड़ता है।

Nifty की calculation कैसे की जाती है।

Nifty की calculation free float market capitalization के तहत ही की जाती है। इसमे भी sensex की तरह ही calculation की जाती है मगर nifty की calculation करते वक़्त कुछ basic elements बदल जाते है जैसे कि nifty की शुरुआत 1995 में हुई थी तो जो value होती है वह शुरुआत से अब तक के बढ़े या घटे हुए value के साथ calculation होती है और इसका average निकाला जाता है। और इसमें valuation के लिए 50 बड़ी capital वाली companies को चुना जाता है।

Market capitalization और Free Float Capitalization में क्या अंतर है।

तो चलिए अब market capitalization और free float capitalization के बारे में जान लेते है।

Market capitalization वो होती है जो कि किसी भी company की total value होती है। वही free float capitalization वो होती है जो कि किसी company के open market में share होते है। जिसको लोग खरीदते और बेचते है। यह shares public domain के लिए होते है जिसे कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है।

Nifty के फायदे क्या है।

तो चलिए, अब nifty के फ़ायदों के बारे में बात कर लेते है कि इससे हमें market को देखने मे कैसे सहायता मिलती है।

  • Nifty के जरिए हम इस बात का आंकलन आसानी से कर सकते है कि market कितने फायदे में है या कितने नुकसान में जा रही है।
  • Nifty के जरिए देश की economy के बारे में आसानी से पता किया जा सकता है। क्योंकि यदि nifty positive में चल रही होगी यानी कि green color में तो इसका मतलब यह है कि companies को मुनाफा हो रहा है। जिससे कि government tax भी अधिक companies के द्वारा प्राप्त होता है। जो कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है।
  • Nifty के आधार पर हम listed companies के profit और lose के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Tips About Nifty Full Form

दोस्तों इस post के माध्यम से हम लोगो ने जाना कि nifty क्या है और nifty का full form क्या होता है। nifty कैसे sensex से अलग है और nifty का असर कैसे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। दोस्तों किसी भी देश की अर्थव्यवस्था उस देश की वृद्धि और शक्ति को दर्शाता है। और यदि जब देश की आर्थिक स्थिति अच्छी और मज़बूत हो, तो उस देश मे हमेशा खुशहाली रहती है और देश भी लगातार तरक्की की तरफ बढ़ता रहता है।

वही अगर देश की आर्थिक हालात खराब हो तो देश मे अनेक तरह की समस्याएं आने लगती है जैसे बेरोज़गारी, भुखमरी, महँगाई और भी अन्य प्रकार की समस्याएं लोगो को होने लगती है। आज बहुत से देश एक दूसरे के साथ मिलकर आपस मे व्यापार करते है। जिसे हम trading भी कह सकते है जिसकी मदद से companies दूसरे देशों में भी अपना विस्तार करती है और अपने अपने देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान देती है।

दोस्तों आप लोगो को Nifty Ka Full Form से जुड़ी यह जानकारी कैसी लगी आप हमें अपने विचार ज़रूर comment box के द्वारा बताए। और इस पोस्ट को दूसरे मित्रों और परिवारजनों के साथ भी share करे ताकि उन लोगो को भी nifty के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।

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नमस्ते, मेरा नाम Samir है मै HFT का Co-Author & Founder हु मुझे हमेशा से नयी चीजे सिखने तथा उन्हे लोगो के साथ शेयर करना पसंद है. क्योकि मैं भी आपकी तरह ही हु. अगर आपको हमारा काम पसंद आता है तो हमे सोशल साईट पर फॉलो कर सकते है.

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