LED क्या है? इसका Full Form क्या होता है?

LED Full Form In Hindi – पहले के समय में प्रकाश के नाम पर कुछ दिए या आग वाले लैंप जलाये जाते थे। इसके बाद लाइट का आविष्कार हुआ। लेकिन उस समय भी सिर्फ सड़कों पर रोशनी के लिए ही लाइट का और बिजली का इस्तेमाल किया जाता था। फिर धीरे-धीरे घरों में बिजली दी जाने लगी। फिर बल्ब, Tube Light जैसे बिजली के उपकरण बनाये गए और फिर घरों में इनका प्रयोग शुरू हुआ।

अब Electricity Bill बहुत आने की वजह से फिर LED जैसे लाइट का अविष्कार हुआ जिनसे बिजली का बिल बहुत काम आता था। तो LED ने लोगों को बहुत राहत दी। LED का नाम तो सभी ने ही सुना होगा लेकिन फिर भी बहुत सी बातें हैं जो आप इसके बारे में नहीं जानते होंगे। जैसे LED क्या है? LED का इतिहास क्या है? ये किस प्रकार से काम करता है। तो आज हम यहाँ जानेंगे LED के बारे में। तो शुरू करते हैं।

LED क्या है? इसका Full Form क्या होता है?

what is the full form of led

LED का पूरा नाम यानि Full Form “Light-Emitting Diode” होता है। LED को Light-Emitting Diode कहते हैं। LED को Solid–State Devices के नाम से भी जाना जाता है। LED में Solid Semiconductor होता है जिसकी वजह से इसमें लाइट Generate होती है। LED एक ऐसी Semiconductor Device होती है जो Light Emit करता है। जब इस डिवाइस में Current या Electricity छोड़ी जाती है तब LED में Light Produce होती है। LED आधुनिक युग का एक बहुत अच्छा आविष्कार है जिसके कारण इलेक्ट्रिसिटी बहुत ही कम खर्च होती है। LED की Life बल्ब व सी.एफ.एल. से ज्यादा होती है इसलिए लोग LED खरीदना पसंद करते हैं।

LED की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अलग-अलग प्रकार की Light को EMIT कर सकता है। LED के अंदर Anode और Cathode स्थित होते हैं और जब इसे सही पोलेरिटी में किसी Voltage Source के साथ कनेक्ट करते हैं तो उसमें से अलग-अलग रंग की लाइट Generate होती है। जब LED बल्ब को जलाया जाता है तो उसमें Bright Light उतपन्न होती है जो Monochromatic और एक Wavelength है। साथ ही इसकी Output Range 700 नैनो मीटर से 400 नैनो मीटर तक होती है।

LED Light Element

अगर LED के Elements की बात की जाये तो इसमें दो प्रकार के एलिमेंट होते है P-Type Semiconductor और N-Type Semiconductor। ये दोनों ही Element Processed Material के बने होते हैं। Direct Contact को इन्ही दोनों P-Type Semiconductor और N-Type Semiconductor में Place किया जाता है। साथ ही जिस Region की Formation की जाती है उसे P-N Junction के नाम से जाना जाता है। ये P-N Junction दूसरे Diodes के जैसे ही होते हैं। इसमें एक Visible Energy  होती है जो Transparent Package से होकर गुजरती है।

LED का इतिहास

अब आप सभी ये जानने के लिए उत्सुक होंगे कि आखिर LED का इतिहास क्या है? LED की खोज सन 1907 में Marconi Labs में H.J. Round के द्वारा की गयी थी और LED को दुनिया के सामने लाया गया था। 1961 में ब्रिटिश के ही दो वैज्ञानिक ने अपने Experiment के दौरान Taxes Instruments एक नयी चीज़ Discover की, जिसमें जैसे ही वे Gallium Arsenic Electrical Current के सम्पर्क में आता है वैसे ही वह Infrared Radiation Emit करने लगता है। और बाद में इसी को उन्होंने LED नाम देकर Patent बना लिया।

इसके बाद 1962 में पहली बार Visible Light Led  को दुनिया के सामने लाया गया। जब Holonyak Jr जनरल Electrical में काम कर रहे थे उसी दौरान उनके द्वारा इसे Develop  किया गया। इसके बाद Holonyak  के एक विद्यार्थी M. George Crawford ने Yello LED की खोज की। और बाद में इन्होंने Red और Red-Orange और Red Light के Output को भी Factor of 10 मे बढ़ाया जिसके बाद इन्हें बहुत बड़ी कामयाबी मिली।

LED की कार्य प्रणाली

Aluminium Gallium-Arsenic Material का उपयोग LED बनाने के लिए किया जाता है। ये जो Material हैं वे अपने Original State के बहुत Strongly Bonded होते हैं। ये Electrons अगर न हों तो Electricity Conduction मुश्किल है। Electron को Lower Orbital से Higher Orbital तक पहुंचाने के लिए Energy Label को बढ़ाना बहुत जरुरी है। और इसी तरह Electron को Higher Orbital से Lower Orbital तक ले जाने के लिए उसी Energy Label को कम करना होता है।

LED और LCD मे क्या अंतर है

LED or LCD के बारें में तो हम सभी ने सुना ही है। लेकिन LED or LCD दोनों में अंतर होता है। इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं जो जानना बहुत जरुरी हैं।

Technologies

LED का पूरा नाम Light Emitting Diode है जबकि LCD का पूरा नाम Liquid Crystal Display है। यह आज के समय की Technologies Display की Major Technologies हैं। LED Display को LCD Display के Advancement के नाम से जाना जाता है।

Back light

LED को LCD के पैनल के बैक में रखा जाता है। ऐसा Monitor Screen की Video Definition को Enhance करने के लिए किया जाता है। Cold Cathode Lights, LCD Displays की Backlight के लिए उपयोग में आता है। Back light Feature के छोड़कर LED Displays में वैसे तो पूरे Concept समान होते हैं।

Contrast का Difference

Black Level LCD screen की तुलना में LED Screen Contrast ज्यादा अच्छा है। क्योकि Liquid Crystals Cold Cathode Back-Light के Back light को पूरी तरह रोकने में सक्षम नहीं है। Black Screen को Monitor पर जब Show होना होता है तब वह Completely Black नहीं होती। वहीं LED Screens में ऐसी कोई भी परेशानी नहीं होती कोई Back Light नहीं होने पर यह Black Screen को Show करने में सक्षम है।

अगर LED Screen और LCD की तुलना की जाये तो LED कम पावर का उपयोग करती है। वहीं LCD Screen Brighter Display देने में सक्षम है। पतली Screen Or Panel Thin होने के कारण यह कम Heat Generate करती है। LED Screen Back-Lighting के लिए Light-Emitting Diodes का उपयोग करती है जबकि LCD में ऐसा नहीं होता। LED Display का Technical नाम “LED-Back-Light LCD Screen ” है।

LED के फायदे

  • LED कम Voltage और Current का उपयोग करती है।
  • LED में Voltage Range 1 से 2 और Current Range 5 से 20 Milliampers तक होती है।
  • LED Light Dh Life सामान्य Light की तुलना में ज्यादा होती है।
  • अन्य बल्ब की तुलना में LED बल्ब काफी हल्के ओर छोटे होते हैं।

LED के नुकसान

  • LED पर अगर थोड़ा भी ज्यादा Voltage पढता है तो यह ख़राब हो सकती है।
  • इसका Temperature पूर्ण रूप से Radiant Output Power और Wavelength के ऊपर निर्भर है।

LED के प्रकार

LED के कई प्रकार होते हैं और हो सकता है आगे के समय में इसके कई और प्रकार देखने को मिलें।

Traditional inorganic LED

यह Diode का Traditional रूप है। यह 1960 से बाजार में उपल्बध है इन्हें Inorganic Materials के द्वारा बनाया जाता है। इन लाइट का रंग इसमें उपयोग होने वाले Material पर निर्भर करता है।

High brightness LED

High Brightness LED भी इसका एक प्रकार है। इसका प्रयोग Light Application के लिए किया जाता है। यह Inorganic LED के जैसा होता है। लेकिन इसके अंदर Greater Light Output होता है।

एलईडी का प्रयोग कहा कहा होता है?

Indicator Lights

Light Two-State में इनका प्रयोग किया जाता है। और इनका प्रयोग Flat Penal और Computer Screen के लिए भी किया जाता है।

Fiber Optic Data Transmission

Fiber Optic Data Transmission से Modulation में आसानी होती है यह Wide Communications Bandwidth को Allow करता है। इसमें Noise भी कम होती है और High-Speed और Accuracy मिलती है।

Remote Control

इसका उपयोग घरों में Remote Control में  किया जाता है। इस प्रकार LED कई प्रकार से उपयोग होता है।

LED का उपयोग

  • LED का उपयोग कई चीज़ों में किया जाता है। यह आज के समय की आधुनिक टेक्नोलॉजी है जिसने लाइट और प्रकाश को अपने काबू में किया हुआ है। इससे प्रकाश के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • छोटे पैनेलों में उपकरण या यंत्र की दशा को दर्शाने के लिए इतेमाल किया जाता है।
  • डिस्प्ले-बोर्ड बनाने के लिए इसका प्रयोग होता है।
  • गाड़ियों की लाइट एवं घरों में बल्ब के स्थान पर इसका प्रयोग किया जाता है।
  • सजाबट के लिए LED लाइट का प्रयोग किया जाता है।
  • सड़क पर ट्रैफिक सिग्नल की लाइट के रूप में इसका प्रयोग किया जाता है।

Light Emitting Diodes (LED)

हम बहुत देर से बात कर रहे हैं कि LED है क्या? तो Light Emitting Diodes (LED) सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला सेमीकंडक्टर डायोड है। Light Emitting Diodes जब Forward Biased होते तब दृश्यमान प्रकाश या अदृश्य इंफ्रारेड प्रकाश को Generate करते हैं। जो LED Invisible Infrared Light को उत्सर्जित करते हैं उन्हें रिमोट कंट्रोल के लिए उपयोग किया जाता है। Light Emitting Diodes एक प्रकार की ऑप्टिकल सेमीकंडक्टर डिवाइस है जो Voltage  आने पर प्रकाश Generate करती है। अन्य शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि यह एक ऐसी Device है जो विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित करती है।

LED कैसे Light Generate करती है?

valence इलेक्ट्रॉनों पर जब बाहरी वोल्टेज लागू किया जाता है तो वे उचित मात्रा में ऊर्जा प्राप्त करते हैं साथ ही मूल परमाणु के साथ बॉन्डिंग को समाप्त कर देते हैं। Valence इलेक्ट्रॉन को मूल परमाणु के साथ बॉन्डिंग ख़त्म करने के बाद फ्री इलेक्ट्रॉन कहा जाता है। Valence इलेक्ट्रॉन जब अपने पैरेंट परमाणु को छोड़ते हैं तो वह Valence शेल में अपनी जगह खाली छोड़ देते हैं। जिस पर Valence इलेक्ट्रॉन शेष बचा रहता है Valence शेल की जो खाली जगह होती है उसे होल कहते हैं।

जितने भी Valence इलेक्ट्रॉन होते हैं उनका एनर्जी लेवल लगभग एक जैसा ही होता है। Valence इलेक्ट्रॉनों के एनर्जी लेवल का एक ग्रुप होता है जिसे Valence बैंड कहते हैं। वहीँ जो फ्री इलेक्ट्रॉनों के एनर्जी लेवल के रेंज के लेवल का एक ग्रुप है उसे Conduction Band कहा जाता है। Conduction Band फ्री इलेक्ट्रॉन का जो एनर्जी लेवल है वह Valence इलेक्ट्रॉन के एनर्जी लेवल से कई गुना अधिक होता है।

फ्री इलेक्ट्रॉन लंबे समय तक कंडक्शन बैंड में नहीं रह सकते। क्योंकि थोड़े समय के बाद ही जो फ्री इलेक्ट्रॉन्‍स हैं वे प्रकाश के रूप में एनर्जी लॉस कर देते हैं। और Valence बैंड में होल्‍स के साथ ये इलेक्ट्रॉन्‍स रिकंबाइन हो जाते हैं। एनर्जी लॉस या उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता यह सब इनके Forbidden Gap पर निर्भर करती है यह Forbidden Gap, Conduction Band और Valence Band के बीच का गैप होता है इसे एनर्जी गैप भी कहा जाता है। Forbidden Gap वाले जो सेमीकंडक्टर डिवाइस हैं वे अधिक तीव्रता वाले प्रकाश को Generate करते हैं। वहीं छोटे Forbidden Gap वाले सेमीकंडक्टर डिवाइस बहुत कम तीव्रता वाली Light को Generate करते हैं।

AC Driven LEDs

LED में यह बहुत ही अच्छी बात होती है कि ये AC पावर पर काम करने में सक्षम होते हैं और इसके लिए किसी DC कनवर्टर की आवश्यकता भी नहीं होती। LED द्वारा Seoul सेमीकंडक्टर Acrich MJT नाम के Voltage को रिलिज करते हैं। यह एक उच्च Voltage होता है। इस AC पावर से साधारण कंट्रोल सर्किट के साथ ड्राइविंग करने में सक्षम है।

Miniature LED

आज के समय में छोटे आकार के LED का उपयोग बहुत अधिक किया जा रहा है क्योंकि इसकी परफॉर्मेंस स्‍पीड और अच्छी एफिशिएंसी काफी अच्छी होती है। नैनो लेजर्स शोधकर्ताओं ने 2D डी फ्लेक्सिबल मटेरियल से बने हुए पतले LED का आविष्कार ऑप्टिकल कम्‍यूनिकेशन के लिए और कुशल बिजली के लिए किया गया था। यह 3D LED की तुलना में 10 से 20 गुना ज्यादा पतला है।

High power LEDs

High power LEDs को सैकड़ों mA से एक एम्पीयर से ज्यादा वाले करेंट में संचालित किया जाना संभव है। हाई पॉवर LED हिट सिंक का प्रयोग Heat Dissipation के लिए किया जाना चाहिए क्योंकि Hp-LED से गर्मी को नष्ट किया जाना संभव नहीं है। और इस कारण डिवाइस को नुकसान पहुँच सकता है। साथ ही इसके द्वारा एक शक्तिशाली LED लैंप बनाया जा सकता है।

ये कुछ अहम् बातें हैं जो LED के बारे में सभी को पता होना चाहिए। कि किस प्रकार LED कार्य करता है इसका Full Form in Hindi एवं इसके फायदे और नुक्सान क्या हैं इत्यादि। आज के समय की यह बहुत ही उम्दा टेक्नोलॉजी है। आज के समय में LED लाइट को हर घर में महत्व दिया जाता है।

Read More

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here