JEE Full Form In Hindi – JEE क्या है? इसकी तैयारी कैसे करे!

JEE क्या है? JEE Full Form In Hindi, JEE Ka Full Form आज के समय में हम देख रहे हैं कि पढाई का स्तर बहुत ऊँचा उठ गया है कोई अगर डॉक्टर बनना चाहता है या फिर इंजिनियर बनना चाहता है तो छात्र को कई प्रकार से पहले तैयारी करनी होती है ताकि उसे अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिले।

वहीं कई छात्र वकील LLb की पढाई करना चाहते तो कुछ IAS बनना चाहते हैं। ऐसे कई प्रकार के कोर्स हैं जिसमें छात्रों की रूचि होती है। यहाँ हम बात करने जा रहे हैं JEE की। तो चलिए देखते हैं कि JEE आखिर है क्या और इसका Full Form क्या होता है?

JEE क्या है? What Is The Full Form JEE In Hindi

jee full form

JEE का पूरा नाम यानि Full Form “Joint Entrance Examination” होता है। अगर आप Engineer बनना चाहते हैं तो यह Information आप के लिए बहुत लाभदायक है। आपको हम JEE से जुडी सारी जानकारी देंगे जो आपको आपके करियर में मदद कर सकती है। और हम आपके इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने में आपकी पूरी सहायता करेंगे।

JEE इंजीनियर बनने के लिए या कह सकते हैं कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए अच्छे कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए JEE एग्जाम को क्लियर करना पड़ता है। और साथ ही साथ इसमें अच्छा Score लाना होता है। क्योंकि आपके Score से ही यह तय होता है कि आपको कौन से कॉलेज में एडमिशन मिल सकता है।

JEE के कितने भाग होते है?

JEE को मुख्य्तः दो भागों में बाँटा गया है JEE Mains और JEE Advance। JEE की परीक्षा साल में दो बार होती है। मतलब 6 महीने में एक बार। यह एक नेशनल लेवल का एग्जाम है जो विद्यार्थी इंजीनियर बनाना चाहते है वो छात्र इस एग्जाम के लिए तैयारी करते हैं।

JEE Mains के लिए कौन से विधार्थी पात्र होते है?

वो विद्यार्थी जो 12वी की कक्षा में पढ़ रहे है और वो (फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ्स ) PCM के छात्र है वो विद्यार्थी इस एग्जाम में बैठ सकते है। 12वी पास करने के बाद भी विद्यार्थी 2 साल तक एग्जाम के लिए पात्रता रखता है। इसका मतलब विद्यार्थी 3 साल तक एग्जाम में बैठ सकता है और एग्जाम साल में दो बार Conduct होते है इसलिए एक विद्यार्थी कुल 6 बार इस एग्जाम में बैठ सकता है। और अपने सपने को साकार कर सकता है।

JEE एग्जाम का पैटर्न केसा होता है?

JEE एग्जाम का पैटर्न ऑनलइन ऑब्जेक्टिव बेस्ड Question पर निर्भर होता है। जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स तीनो के बराबर-बराबर Questions होते हैं। और इनके बराबर मार्क्स होते है। हर Subject के 30-30 Question पूछे जाते है, इसका मतलब है कि कुल 90 प्रश्न पूछे जाते हैं जो 360 अंक के होते हैं।

हर प्रश्न के चार विकल्प होते है जिनमें से एक सही उत्तर होता है प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक प्राप्त होते है। और प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/4 अंक काट लिया जाता है जिसे Negative मार्किंग कहते है यह एग्जाम पूर्णतः Online ही होती है जो की CBSE द्वारा साल में दो बार Conduct की जाती है।

JEE परीक्षा क्यों दी जाती है?

अगर आप एक Engineer बनना चाहते है तौ आपको BE (बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग) या B।Tech (बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी) का कोर्स करना पड़ता है। BE या BTech में एडमिशन लेने के लिए इंजीनियरिंग के Entrance Exam पास करना आवश्यक होता है।

वैसे तौ स्टेट लेवल पर कई Exam होते है परन्तु नेशनल लेवल पर होने वाली Exam में से JEE एक है। तो आपको JEE में Score करना बहुत आवश्यक होता है अगर आपको NIT या IIT जैसे कॉलेज में पढ़ना है। और अगर आपको IIT में एडमिशन लेना है तोआपको JEE Advance में भी अपना Score बनाना होगा।

वैसे तो 12वी के बाद ऐसे बहुत से कोर्स है जिनसे आपको अपना ग्रेजुएशन कम्प्लीट कर सकते है। परन्तु इंजीनियरिंग का सपना देखने वाले विद्यार्थी को 12वी में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) में पास करना होती है। और इसके चलते उन्हें JEE की भी तैयारी करना होती है। यह Exam बहुत ही कठिन माना जाता है।

इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स Subject के ही प्रश्न पूछे जाते हैं इस Exam की तैयारी के लिए पूरे भारत में जगह-जगह कई इंस्टिट्यूट व कोचिंग Open हो चुकी हैं जहाँ बच्चों को JEE के लिए तैयार किया जाता है। मोक टेस्ट लिए जाते है Online Exam के लिए तैयार किया जाता है उनकी मेंन्टल एबिलिटी को भी स्ट्रांग किया जाता है।

JEE Exam की क्या योजना होती है?

अप्रैल 2013 से ही यह Exam दो हिस्सों में आयोजित किया जाने लगा है। एक है Main और दूसरा Advance। IIT के लिए आवेदन करने वाले बच्चे पहले Main के लिए Apply करते हैं और इसमें सफल होने वाले आगे JEE Advance Exam में शामिल होते हैं। JEE Main Exam में शामिल होने वाले बच्चों में से केवल शीर्ष 2,20,000 ही एडवांस Exam में बैठने की पात्रता रखते हैं।

यह Exam, Main Exam के कुछ सप्ताह बाद होती है। JEE Advance के जरिये IIT में एडमिशन के लिए किसी विद्यार्थियों को अपने कक्षा 12वी बोर्ड में भी टॉप 20 फीसदी में शामिल होना जरूरी है। साल 2012 तक कक्षा 12वी में 60 प्रतिशत अंक हासिल करने वाला बच्चा IIT में एड्मिशन का पात्र होता था।

देश में कुल 32 बोर्ड हैं और उनका परीक्षा तथा मूल्यांकन का तरीका भी अलग-अलग है। साल 2017 तक JEE Main की देखरेख के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन की जिम्मेदारी थी। मगर हाल ही में केंद्र सरकार ने यह ज़िम्मेदारी नव-निर्मित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को सौप दी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के गठन के साथ ही JEE Main साल में दो बार आयोजित होने का प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है।

JEE Advance का प्रबंधन फिलहाल आईआईटी के हाथ में ही रहने की आशंका जताई जा रही है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान तथा सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों में एड्मिशन JEE Main परीक्षा को आधार मानकर किया जाता है। इतना ही नहीं डीम्ड विश्वविद्यालय भी एक दायरा तय करके JEE Main Exam के Result का उपयोग अपने यहाँ एड्मिशन देने के लिए कर सकते हैं।

JEE Main एवं JEE Advance में अंतर

विद्यार्थी कई बार सोच में पड़ जाते हैं कि JEE Main एवं JEE Advance में क्या अंतर है। और इसी के चलते विद्यार्थी कई बार ठीक प्रकार से य सही प्रकार से पढाई नहीं कर पाते। तो यहाँ हम जानेंगे कि JEE Main और JEE Advance में क्या अंतर है। वैसे तो ये दोनों ही एक Exam के दो भाग हैं।

JEE Main

JEE Main के एग्जाम या कह सकते हैं Entrance Test को CBSE के द्वारा Conduct करवाया जाता है। और जो भी विद्यार्थी इसमें अच्छे अंक प्राप्त करते हैं उन्हें IITs, NITs, CFTIs एवं अन्य Engineering कॉलेज में आसानी से एडमिशन मिल जाता है। जो राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे हैं। इनमें कुछ अच्छे निजी कॉलेज भी शामिल होते हैं। जिनका नाम अच्छा होता है और जिनमें अच्छी शिक्षा दी जाती है।

JEE Main देने के लिए विद्यार्थी को इस परीक्षा को उत्तीर्ण करके कम से कम 75% लाना अनिवार्य होता है वहीं आरक्षण वाले विद्यार्थी जैसे एससी / एसटी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 65% लाना अनिवार्य है। एक उम्मीदवार कम से कम तीन वर्षों तक JEE Main की परीक्षा के लिए प्रयास कर सकता है। इसका पेपर 3 घंटों का होता है एवं हिंदी और अंग्रेजी भाषा में यह पेपर दिया जाता है जिससे कि छात्र को सहूलियत हो।

JEE Advance

JEE Advance भी JEE Main की तरह ही होता है। लेकिन यह IITs द्वारा Conduct करवाया जाता है। और इस परीक्षा को जो भी विद्यार्थी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण  करते हैं उन्हें 23 IITs में से किसी एक में एडमिशन मिलता है। यह परीक्षा JEE Main की तुलना में थोड़ी कठिन होती है। और दोनों ही एग्जाम आपस में जुड़े हैं। जब तक विद्यार्थी JEE Main Qualify नहीं कर लेता तब तक वह JEE Advance के लिए Illegible नहीं होता। यह परीक्षा उम्मीदवार केवल दो बार ही दे सकते हैं। और वह भी लगातार देना होती हैं।

JEE Advance Exam Pattern:

JEE Advance में दो पेपर होते हैं और दोनों ही अहम् हैं जिसकी तैयारी विद्यार्थी को करनी होती है।

पहला पेपर:

पहले पेपर में Physics, Chemistry एवं Maths के Question पूछे जाते हैं। इसमें Multiple Choice Questions होते हैं।

दूसरा पेपर:

दूसरा पेपर भी Physics, Chemistry एवं Maths के Question ही आते हैं लेकिन यह पूरा पेपर Numerical Type Questions पर बेस्ड होता है।

दोनों ही एग्जाम का समय 3 घंटे का होता है। और दोनों में ही हिंदी और अंग्रेजी भाषाओँ का प्रयोग किया जाता है। और आपको यहाँ JEE Main एवं JEE Advance में अतर तो समझ आ ही गया होगा। दोनों में अंतर जानना बहुत जरुरी है।

IITs की फीस:

वैसे तो IIT कॉलेज की फीस काफी कम होती है और इनमें होने वाली पढाई का स्तर भी बहुत उच्च होता है। इसलिए IIT कॉलेज में एडमिशन लेना विद्यार्थियों का सपना होता है। 2016 एवं 2017 में IIT कॉलेज की फीस 90 हजार से बढाकर 2 लाख रूपये की गई थी। इसके बाद भी यह फीस अन्य की तुलना में बहुत कम थी। इसके बाद जो पढाई का माहौल विद्यार्थियों को IIT में मिलता है वो कहीं और नहीं मिलता।

यह फीस सभी विद्यार्थिओं के लिए नहीं हैं अगर कोई विद्यार्थी अपंग है या SC / ST / OBC से है जो फीस में इजाफा होता है और कई बार फीस माफ़ भी होती है। जिससे विद्यार्थी को अच्छी और उच्च शिक्षा प्राप्त हो सके। इसके अलावा भी कई प्रकार के आरक्षण जो सरकार के द्वारा लागू किये गए हैं वे विद्यार्थिओं को दिए जाते हैं। जैसे अगर कोई विद्यार्थी गरीबी रेखा के नीचे आता है लेकिन उसने JEE में अच्छे अंक प्राप्त किये हैं तो उसे भी आरक्षण मिलेगा और जाति के अनुसार भी आरक्षण दिया जाता है।

JEE की तैयारी कहाँ से करें:

वैसे तो हर जगह कोई न कोई Education Hub जरूर होता है जहाँ हर प्रकार की परीक्षाओं की तैयारी की जाती है। लेकिन JEE और IIT की तैयारी के लिए भारत का सबसे बड़ा Education Hub कोटा है। कोटा राजस्थान में स्थित है एवं यहाँ Medical एवं Engineering की तैयारी करने वाले बच्चों का हुजूम रहता है।

यहाँ बच्चों को IIT JEE के लिए बहुत ही अच्छे तरीके से पढाया जाता है एवं हर साल कोटा से पढने वाले कई विद्यार्थियों का Selection JEE में होता ही है। यहाँ विद्यार्थी को एक सही Direction दी जाती है जिससे विद्यार्थी अपना Focus बनाये रखे और सफल हो। वैसे कभी-कभी कुछ बच्चे कोटा जाकर कोचिंग नहीं ले सकते तो वे सेल्फ ही पढाई कर सकते हैं और ऑनलाइन क्लास ज्वाइन कर सकते हैं।

ऑनलाइन Classes कई बार Free भी होती हैं और कई बार Paid भी होती हैं। लेकिन इनकी फीस बहुत ज्यादा नहीं होती। और हर राज्य में 2 से 3 Education Hub होते हैं तो विद्यार्थी अपनी सुविधानुसार वहाँ से भी ट्रेनिंग या कोचिंग ले सकते हैं।

टेस्ट सीरीज:

JEE को पास करने के लिए Test Series एक बहुत ही अच्छा विकल्प है। अगर बच्चे खुद की योग्यता को परखना चाहते हैं तो उन्हें टेस्ट सीरीज ज्वाइन करना चाहिए। इससे उन्हें यह अनुमान लगाना आसान हो जाता है कि वे कहाँ कमजोर हैं और उन्हें कहाँ स्वयं को मजबूत करना है। हर टेस्ट सीरीज में विद्यार्थी को एक नया अनुभव होता है।

टेस्ट सीरीज से कई फायदे हैं जैसे:

  • टेस्ट सीरीज के द्वारा बच्चे को एग्जाम पैटर्न का अनुमान लग जाता है।
  • Question Paper Solve करने की Speed बढ़ जाती है।
  • अपने वीक पॉइंट्स विद्यार्थी को पता चलते हैं जिन्हें वह समय रहते सुधार सकता है।
  • Final Exam में विद्यार्थी घबराते नहीं हैं क्योंकि वे पहले से ही Question Solve करने की प्रैक्टिस कर चुके होते हैं जो उन्हें परिपक्व बनता है।

ये कुछ अहम् चीज़ें है जो JEE के विद्यार्थियों को पता होना चाहिए। इससे उन्हें तैयारी करने में आसानी होती है। और ऐसा नहीं है कि आप घर पर रहकर JEE की तैयारी नहीं कर सकते। लेकिन उसके लिए आपको कोई न कोई Mentor चाहिए होगा जो आपको समय-समय पर सही रास्ता दिखाए और आपकी JEE की तैयारी करने में सहायता करे क्योंकि इसके Limited Attempts होते हैं। और अगर आप सच में JEE पास करना चाहते हैं तो आपका Focus होना बहुत जरुरी है।

Tips

हमे उम्मीद है आपको JEE क्या है इसका Full Form (JEE Full Form In Hindi) क्या होता है आदि चीजों के बारे मे आपको जानकारी मिल गई होंगी यदि आपको ये जानकारी पसंद आई है तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना नया भूले!

Read More

नमस्ते, मेरा नाम Samir है मै HFT का Co-Author & Founder हु मुझे हमेशा से नयी चीजे सिखने तथा उन्हे लोगो के साथ शेयर करना पसंद है. क्योकि मैं भी आपकी तरह ही हु. अगर आपको हमारा काम पसंद आता है तो हमे सोशल साईट पर फॉलो कर सकते है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here