FMCG का Full Form क्या होता है? – एफ. एम. सी. जी. क्या है

FMCG Company को जानिए आखिर इसका देश के अर्थव्यवस्था मे कितना योगदान है।

FMCG इसका नाम आपने पहले कई बार सुना होगा अगर आप स्टॉक मार्केट मे इन्वेस्ट करते है या फिर सेल्स जैसे क्षेत्र से है तो आपको इसके बारे मे पता होगा। वैसे आज हम आपको इसका full form बताने जा रहे इसके साथ ही इसके बारे मे कुछ रोचक बाते भी विस्तार से बताने वाले भी है तो आईये जानते है।

FMCG क्या है

FMCG का बाजार भारतीय GDP के विकास में अपनी खास जगह रखता है जोकि लगातार बढ़ता जा रहा है । समय के साथ साथ लोगों की बदलती सोच, जरूरतें और व्यवहार (FMCG) की मार्केटिंग में इम्पोर्टेन्ट रोल निभाता है।

Full Form & मीनिंग ऑफ़ FMCG

FMCG की Full Form “Fast-Moving Consumer Goods” है. जिसे हिन्दी मे “फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स” यानि (तेजी से बिकने वाले उपभोक्ता सामान), जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि यह वो प्रोडट्स हैं. जिनकी डिमांड हमेशा बनी रहती है और यह जल्दी से बिक जाते हैं। FMCG ऐसे प्रोडट्स होते हैं जिनका अपेक्षाकृत कम लागत पर उत्पादन होता है और यह प्रोडट्स तुरंत बिक जाते हैं। उदाहरण के तौर  पर देखें तो जैसे ब्रेड, बिस्किट, दूध, दालें, मसाले हर घर में रोज़ ख़रीदे जाते हैं लेकिन माक्रोवेव, फ्रिज, टीवी कई सालों बाद ख़रीदे जाते हैं।

प्रोडट्स अंडर FMCG

फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स में फूड और नॉन-फूड दोनों तरह के प्रोडक्ट्स शामिल होते हैं, जिनकी जरुरत हर किसी को अपनी डेली लाइफ में होती है । इन प्रोडक्ट्स को कंज्यूमरस द्वारा रेगुलर बेसिस पर ख़रीदा जाता है और मैनुफेक्चरस द्वारा कंज्यूमरस का  ध्यान अपने ब्रांड के प्रोडक्ट्स की ओर खींचने के लिए लार्ज स्केल पर इनका प्रचार किया जाता है ।

FMCG रोज़ाना की दिनचर्या में इस्तेमाल होने वाला ऐसा सामान है जिसे हर व्यक्ति यूज़ करता है। दूध, दही, ब्रेड, बटर, फल, सब्जियां, सॉफ्ट ड्रिक्स, बिस्किट, जूस, आटा, टूथ पेस्ट, सर्फ, साबुन, शेम्पू आदि इन सब प्रोडक्ट्स को FMCG  कहते हैं। यह सब ऐसे प्रोडट्स हैं जिनका यूज़ डेली हर घर,गांव, शहर, देश  सब जगह किया जाता है। यह डेली बड़ी संख्या में मार्किट में आते हैं और जल्दी ही बिक भी जाते हैं ।  इसलिए इन्हें Fast Moving Consumer Goods कहा जाता है।

कार, टीवी , वॉशिंग मशीन आदि भी कई ऐसी चीज़ें हैं जिन्हें हम डेली यूज़ तो करते हैं लेकिन खरीदते कई सालों हैं। इसलिए यह सब FMCG  की कैटेगिरी में नहीं आते हैं।

पैकेजिंग ऑफ़ FMCGs

  • FMCGs के लिए पैकेजिंग बहुत इम्पोर्टेन्ट पार्ट है। एक साधारण आदमी के जीवन में डेली यूज़ होने वाले फूड आइटम्स , डेयरी आइटम्स, स्किन केयर, हेयर केयर आदि प्रोडक्ट्स जैसे दूध, ब्रेड, मीट, बिस्किट, फल, सब्जियां, टूथ पेस्ट, कोल्ड क्रीम, हेयर डाई,लिपस्टिक्स आदि एक लिमिटेड टाइम तक ही ठीक रह सकते हैं उसके बाद वह ख़राब होने लग जाते हैं। इसलिए इन सभी प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग भी परफेक्ट होनी चाहिए।
  • पैकेजिंग में प्रोडक्ट की क़्वालिटी, फ्रेशनेस, टेक्शर आदि सभी बातों का ख्याल रखना चाहिए।
  • परफेक्ट पैकेजिंग से प्रोडक्ट की शेल्फ लाइफ को भी बढ़ाया जा सकता है ।
  • पैकेजिंग एट्रैक्टिव होनी चाहिए। जिससे प्रोडक्ट देखने में अच्छा लगे।
  • प्रोडक्ट की पूरी जानकारी पैकेट पर दी जानी चाहिए ।
  • ब्रैंड की भी जानकारी पैकेट पर दी जानी चाहिए ।

FMCG पर लागत

रोज़ाना की जरूरतों के लिए तेजी से बिकने और ख़रीदे जाने वाले इन प्रोडक्ट्स की मार्किट बहुत बड़ी है। इन्हे डेली बहुत ज्यादा क़्वान्टिटी में कम लागत के साथ और कम मार्जिन से बेचा जाता है। इनकी क़्वान्टिटी  बहुत ज्यादा होने के कारण कम मार्जिन से बेचने पर भी दुकानदार, व्यापारी अपना मुनाफा कमा लेते हैं।

ये सामान अक्सर  डिपार्टमेंटल स्टोर्स, सुपरमार्केट, हाइपरमार्केट आदि  में खरीदे जाते हैं। ग्राहकों को हर चीज़ आसानी से हर जगह उपलब्ध करवाने के लिए बाजार में इन प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए नए बिक्री स्थान और आउटलेट खुल रहे हैं।

FMCG company

fmcg full form in hindi

FMCG  के अंतर्गत वो कंपनियां आती हैं जो लोगों के जरुरत के सामान जैसे फूड आइटम्स, डेयरी आइटम्स, स्किन केयर, हेयर केयर आदि प्रोडक्ट्स का निर्माण करती हैं ।

भारत में FMCG उद्योग को दो भागों में बांट कर देखतें हैं तो पता चलता है कि शहरी बाजार भारत के FMCG सेक्टर के revenue में 55% का योगदान देता है, जबकि अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का योगदान 40% से अधिक है। लगभग पिछले 10 वर्षों में भारत में FMCG कंपनियों ने शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में ऊंची वृद्धि देखी है। इसलिए FMCG कंपनियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों को नजरअंदाज करना नामुमकिन हैं ।

इस मामले में सबसे उभरती कंपनी बाबा रामदेव की Patanjali Ayurved Limited है जो की Colgate जैसी कई सालों पुरानी और बड़ी कंपनी को पीछे छोड़ कर भारत में पहले नम्बर की पोजीशन पर पहुँच चुकी है ।

Top Indian FMCG  Companies

  • Patanjali Ayurved Limited
  • Amul India Limited
  • ITC Limited
  • Britannia Industries Limited
  • Godarej Consumer Product Limited
  • Emami
  • Colgate Palmolive India  Limited
  • Asian Paints
  • Nestle India
  • Glaxo Smith Kline Consumer Health Limited
  • Wipro
  • Marico Industries Limited
  • Parle Agro

देश की अर्थव्यवस्था में FMCG का role

फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) का भारतीय अर्थव्यवस्था में चौथा सबसे बड़ा क्षेत्र है। इस क्षेत्र में तीन मुख्य पार्ट हैं – खाद्य और पेय पदार्थ, जो सेक्टर के 19% के लिए जिम्मेदार है, स्वास्थ्य सेवा जो 31% और घरेलू और व्यक्तिगत देखभाल के लिए शेष 50 % के लिए जिम्मेदार है।

FMCG Sector, 2011 में 2,20,852.4 करोड़ रूपए (31.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर) से बढ़कर 3,68,669.75 करोड़ रूपए (यूएस $ 52.75 बिलियन) हो गया है। इस क्षेत्र में 2020 तक 7.824,759.3 करोड़ रूपए (US $ 103.7 बिलियन) तक पहुंचने के लिए 27.86 % की एक वार्षिक विकास दर (CAGR) के बढ़ने की उम्मीद है। 2019 में इस क्षेत्र का 11-12% बढ़ने का अनुमान है।

इसने जून-सितंबर 2018 के बीच मूल्य के संदर्भ में 16.5% की वृद्धि देखी; मध्यम मुद्रास्फीति, निजी उपभोग और ग्रामीण आय में वृद्धि द्वारा समर्थित है। वित्त वर्ष 19 में FMCG के शहरी खंड में रेवेन्यू में 8% की रेगुलर ग्रोथ होने की उम्मीद है और ग्रामीण खंड को वित्त वर्ष 19 में कुल आय का 11-12% योगदान देने का अनुमान है। अगस्त 2018 तक GST और Demonetization के बाद, आधुनिक व्यापार हिस्सेदारी कुल FMCG रेवेन्यू का 10 प्रतिशत हो गया।

लगभग 45% रेवेन्यू हिस्सेदारी के लिए, भारत में FMCG Sector द्वारा उत्पन्न समग्र रेवेन्यू में ग्रामीण खंड का बहुत बड़ा योगदान है। विनिर्माण और FMCG कंपनियों के बेहतर वितरण चैनलों के बल पर, भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता के सामान और सेवाओं की मांग बढ़ रही है। भारत में FMCG सेक्टर द्वारा दर्ज किए गए कुल रेवेन्यू में शहरी सेगमेंट की हिस्सेदारी 55% है।

Investment in FMCG Sector

FMCG कंपनियाँ कम लागत में लंबे समय तक बाजार से ज्यादा  मुनाफा कमाने के लिए ज्यादा उत्पादन क्षमता वाले एनर्जी एफ्फिसिएंट प्लांट्स में इन्वेस्ट करना चाह रही हैं । पतंजलि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, असम, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न फूड पार्कों में 5,197.85 करोड़ (US $ 743.72 मिलियन) खर्च करेगी। क्षमता विस्तार के लिए डाबर FY19 में 250-300 करोड़ रुपये (US $ 38.79-46.55 मिलियन) का invest करने की योजना बना रहा है और घरेलू बाजार में अधिग्रहण की

तलाश कर रहा है। टाटा FMCG Sector में अपने घर और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों का विस्तार करने की योजना बना रही है। FY19 में, ITC ने भारत में तेजी से बढ़ते उपभोक्ता सामान (FMCG) सेगमेंट में 60 से अधिक लॉन्च किए। FMCG Sector से संबंधित निवेश के इरादे, कागज की लुगदी, चीनी, खाद्य प्रसंस्करण, वनस्पति तेलों और वनस्पतियों, साबुन, सौंदर्य प्रसाधन और प्रसाधन उद्योग से उत्पन्न होते हैं,

जिनकी कीमत जनवरी 2017 से जुलाई 2019 तक 15,961 करोड़ रुपये (US $ 2.28 बिलियन) थी। 2019 में, RPC-Sanjiv Goenka Group ने FMCG स्टार्ट-अप्स में 103.01 करोड़ रुपये (US $ 14.74 मिलियन) का पूंजीगत निवेश किया। Nestle ने Maggi के लिए साणंद में एक नया plant खोलने के लिए 700 करोड़ रुपये (US $ 100.16 मिलियन) का invest करने की योजना बनाई है ।

बदलती जीवनशैली, आसान पहुँच, ओर बढ़ती जागरूकता के कारण ही FMCG मार्किट की रेगुलर  ग्रोथ हो रही है। केंद्रीय बजट  2019-20 के तहत कृषि, एमएसएमई, एजुकेशन, हेल्थ, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर औऱ टैक्स में छूट देने से FMCG क्षेत्र पर सीधे प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इन सभी फेक्टर से आम लोगों के  हाथ में , स्पेशली ग्रामीण क्षेत्र में  डिस्पोजेबल आय बढ़ाने की काफी उम्मीद है, इससे लोगों में शॉपिंग स्पिरिट बढ़ेगी जो की इस क्षेत्र के लिए बहुत फायदेमंद होगा ।

FMCG कंपनियों  का भविष्य

ई-कॉमर्स के ज़माने में जागरूकता से आये बदलाव से  जब ऑनलाइन शॉपिंग करना हर किसी के लिये आसान होता जा रहा है, और FMCG उत्पादों की मांग बढ़ती ही जा रही है। समय की कमी, आसान पहुँच होने से  जिस तरह से किराने का सामान ऑनलाइन मंगवाना आसान होता जा रहा है, इन  कंपनियों  का भविष्य भी स्पष्ट तौर  पर अच्छा ही दिखाई दे रहा है।

क्योंकि FMCG उत्पादों की मांग कभी कम नहीं होती इसलिए FMCG कंपनियों पर इन्वेस्ट करना एक फायदेमंद सुझाव है । उपभोग्ताओं की पसंद, जरुरत  को ध्यान में रखते हुए और प्रोडक्ट की क्वालिटी को बेहतर बनाते हुए जो भी कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को शहर, गांव हर जगह उपलब्ध करवाएगी उसका भविष्य अच्छा ही होगा ।

FMCG है सुरक्षित निवेश

FMCG बाजार बहुत बड़ा है और दुनिया की कुछ सबसे बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हैं। इन्वेस्मेंट के रूप में  FMCG शेयर आम तौर पर कम ग्रोथ करने वाले होते हैं मगर स्थिर मार्जिन, ज्यादा टर्न ओवर, स्थिर रिटर्न और नियमित लाभ के लिए  इनमें किया गया निवेश एक सुरक्षित कदम हो सकता है। क्योंकि अर्थव्यवस्था में मंदी के दौर में कारों, घरों, फर्नीचर्स, फ्रिज और टीवी  सभी की बिक्री कम हो सकती है.

मगर दूथ, आटा, ब्रेड, दालें,तेल, मसाले, बिस्किट्स, नमकीन, साबुन और टूथपेस्ट बिकना फिर भी कम नहीं होगा। ग्राहक की जेब में जब कम पैसे होंगे तो वह कार, टीवी, एसी या अन्य लग्जरी या कंज्यूमर आईटम खरीदने के निर्णय को टाल सकता है। आटा, दूध, शैंपू, साबुन और टूथपेस्ट की खरीद टाली नहीं जा सकती। इसी लिये FMCG कंपनियों के शेयरों को सुरक्षित निवेश माना जाता है।

Policy for FMCG Industry in India

भारत में FMCG Sector को बढ़ावा देने के लिए Indian government  ने कई नई योजनाएं बनाकर बहुत अच्छी पहल की है जो   की इस प्रकार हैं।

  • Indian government ने 5 साल की अवधि में किसानों की आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों पर खर्च करने की योजना  बनाई है। इसके अलावा, सरकार ने टैक्स स्लैब / दरों को कम करने की भी योजना बनाई है
  • Indian government ने कैश एंड कैरी सेगमेंट में 100 %  Foreign Direct Investment (FDI) और सिंगल-ब्रांड रिटेल के साथ-साथ मल्टी-ब्रांड रिटेल में 51 % Foreign Direct Investment (FDI)  को मंजूरी दी है।
  • Indian government ने उपभोक्ताओं के लिए सरल, शीघ्र, सुलभ, सस्ती और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक तंत्र स्थापित करने पर विशेष जोर देने के साथ एक नए Consumer Protection Bill  तैयार किया है।
  • उद्यमियों को उद्यम में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार ने 2022 तक 500 मिलियन से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है।
  • FMCG इंडस्ट्री के लिए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) फायदेमंद है क्योंकि साबुन, टूथपेस्ट और हेयर ऑयल जैसे कई FMCG उत्पाद अब पिछले 23-24 % की दर से 18 % कर दायरे में आते हैं। साथ ही खाद्य उत्पादों और स्वच्छता उत्पादों पर दरें क्रमशः 0-5 प्रतिशत और 12-18 प्रतिशत कर दी गई हैं।
  • GST से FMCG Sector में लॉजिस्टिक्स को एक आधुनिक और कुशल मॉडल में बदलने की उम्मीद है क्योंकि सभी प्रमुख निगम अपने परिचालन को बड़े लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में फिर से तैयार कर रहे हैं।

उपलब्धियां

पिछले चार वर्षों में भारत सरकार की उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

  • तैयार मेगा फूड पार्कों संख्या 2008-14 के बीच 2 से बढ़कर 2014-18 के बीच 13 हो गई है।
  • 2008-14 के दौरान संरक्षण और प्रसंस्करण क्षमता 308,000 से बढ़कर 2014-18 के दौरान 1।41 मिलियन हो गई।
  • 2014-14 के दौरान खाद्य प्रयोगशालाओं की संख्या 31 से बढ़कर 2008-14 के दौरान 42 हो गई।
  • आज भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी हमने कई लक्ष्यों को हासिल किया है।
  • अब भारत, मोबाइल फोन बनाने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। Make in India के तहत ही आंध्र प्रदेश में, एशिया के सबसे बड़े MedTech Zone की स्थापना की जा रही है।
  • भारत ने वर्ल्ड बैंक की ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैकिंग में 130वां स्थान पाकर तेजी से उन्नति की है। आज एक बिजनेस शुरू करना पहले किसी भी समय के मुकाबले कहीं आसान है।

Tips

दोस्तों हमे उम्मीद है आज के पोस्ट मे आपको fmcg के बारे मे पता चल गया होगा तथा इसकी हमारे देश मे क्या अहमियत है ये भी मालूम हुआ होगा अगर आपको fmcg full form hindi के लिखा गया ये आर्टिकल पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर अवश्य शेयर करे! Thanks for reading.

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